केंद्रीय बजट 2026-27 को लेकर आयोजित हुई पत्रकार वार्ता

केंद्रीय बजट 2026-27 को लेकर आयोजित हुई पत्रकार वार्ता

प्रधानमंत्री के आत्मनिर्भर व विकसित भारत 2047 के संकल्पों को सिद्ध करने वाला केंद्रीय बजट

संवाददाता पवन सूर्यवंशी सीहोर

भारतीय जनता पार्टी जिला सीहोर द्वारा में केन्द्रीय बजट 2026 – 27 को लेकर एक प्रेस वार्ता का आयोजन सीहोर जिला मुख्यालय स्थित होटल में किया गया । इस अवसर पर मध्यप्रदेश शासन के युवा, खेल एवं सहकारिता मंत्री विश्वास सारंग, भाजपा जिलाध्यक्ष नरेश मेवाड़ा, विधायक सुदेश राय, नगरपालिका अध्यक्ष प्रिंस राठौर, जिला महामंत्री जितेन्द्र गौड़, जिला मीडिया प्रभारी प्रितेश राठौर मंचासीन उपस्थित रहें। पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए खेल मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदशन व नेतृत्व में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत केन्द्रीय बजट प्रधानमंत्री के विकसित भारत के संकल्पों को सिद्ध करने वाला है। यह इस शताब्दी के दूसरे क्वार्टर का पहला बजट है और वित्त मंत्री निर्मला लगातार 9वीं बार संसद में बजट प्रस्तुत कर रही है। यह अपने आप में एक गौरव पल के रूप में भारत के संसदीय इतिहास में दर्ज हुआ है। 2014 में कांग्रेस के शासन काल में भारत 11 वें नंबर की अर्थव्यवस्था था और अब मोदी के नेतृत्व में इन 12 वर्षों में देश लगातार प्रगति पथ पर अग्रसर हो रहा है। मोदी की नीतियों व दूरदर्शी सोच का परिणाम है कि आज भारत विश्व की चौथी आर्थिक महाशक्ति बन चुका है। और शीघ्र ही तीसरी अर्थव्यवस्था बनने की ओर बढ़ रहा है।

सर्वव्यापी, सर्वस्पर्शी और सर्वसमावेशी बजट 2026
विश्वास सारंग ने कहा कि इस बजट को देखकर निश्चित तौर पर यह कहा जा सकता है कि GYAN यानी G-गरीब, Y-युवा, A-अन्नदाता और N-नारी शक्ति को आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की सरकार समर्पित है। यह बजट सतत् आर्थिक विकास के साथ जनअपेक्षाओं को पूरा करने वाला है प्रधानमंत्री मोदी ने अपने निर्णयों से देश को सशक्त बनाने के साथ ही दुनिया में भारत की ताकत का अहसास कराया है इस बजट में उद्योगों को बढ़ावा देने के साथ ही रोजगार के अनेक अवसर प्रदान किए गये है। यह बजट सभी वर्गों की आशा आकांक्षाओं को पूरा करने के साथ उन्हें सशक्त बनाने में निर्णायक सिद्ध होगा। बजट मोदी जी के विजन रिफार्म परफार्म और ट्रांसफोर्म को परिलक्षित कर रहा है।

केंद्रीय बजट सशक्त भारत की नींव को और मजबूती प्रदान करेगा उन्होने कहा कि केंद्रीय बजट 2026-27 प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के विकसित व आत्मनिर्भर भारत के विजन का सशक्त दस्तावेज़ है।गरीब, युवा, नारी शक्ति, अन्नदाता के साथ मध्यम वर्ग और उद्यमियों के कल्याण व सशक्तिकरण के प्रावधान बजट में किए गए हैं। जो मध्यप्रदेश सहित देश को 2047 के विकसित भारत की ओर मजबूती से ले जाएगा। केंद्रीय बजट को राजनीति के दृष्टिकोण से नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण की नजर से देखना आवश्यक है। देश के कुल कर्ज को जीडीपी के 56 प्रतिशत से घटाकर 50 प्रतिशत तक लाने की भी योजना है। बजट में 7 हाई-स्पीड कॉरिडोर्स के निर्माण और 12.2 लाख करोड़ के कैपिटल एक्सपेंडिचर का प्रावधान किया गया है। सेमीकंडक्टर मिशन के लिए निवेश राशि को 22,500 करोड़ से बढ़ाकर 40,000 करोड़ करने का प्रस्ताव है। उन्होंने कहा कि इस बजट से मध्यप्रदेश को भी व्यापक लाभ होगा और यह बजट वर्ष 2047 के विकसित भारत की परिकल्पना को साकार करने में मील का पत्थर साबित होगा। कृषि के साथ अर्थव्यवस्था की रीढ़ को मजबूत करने वाला बजट मंत्री विश्वास सारंग जी ने कहा कि बजट 2026-27 में ग्रामीण अर्थव्यवस्था और किसान समृद्धि को मजबूती देने के लिए पशुपालन क्षेत्र को विशेष प्राथमिकता दी गई है। यह किसानों की कुल आय का लगभग 16 प्रतिशत है इस हेतु पशु चिकित्सकों की संख्या बढ़ाने के लिए पूंजी सब्सिडी योजना शुरू किए जाने का प्रावधान किया गया है। किसानों के लिए किसानों की आय में वृद्धि करने और कृषि को आधुनिक बनाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। इस हेतु नारियल, चंदन, कोको और काजू जैसी फसलों के लिए विशेष सहायता का प्रावधान किया गया है, साथ ही वर्ष 2030 तक भारतीय काजू और कोको को प्रीमियम वैश्विक ब्रांड बनाने का लक्ष्य है। कृषि क्षेत्र में रेशम, ऊन और जूट जैसे प्राकृतिक फाइबर में आत्मनिर्भरता के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए सरकार ने राष्ट्रीय फाइबर योजना शुरू करने की घोषणा की है। बजट 2026-27 में 500 जलाशयों और अमृत सरोवरों को एकीकृत कर मछली पालन क्षेत्र को सशक्त बनाने का निर्णय ऐतिहासिक है।

महिला सशक्तिकरण को नई दिशा देने वाला बजट
सारंग जी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी बार-बार कहते हैं कि महिलाएं केवल लाभार्थी नहीं, बल्कि भारत की ग्रोथ इंजन हैं। यही कारण है कि हमारी सरकार ने महिला सशक्तिकरण को केवल नारों तक सीमित नहीं रखा, बल्कि उसे नीति और नीयत दोनों का हिस्सा बनाया। इस हेतु देश के प्रत्येक जिले में एक महिला छात्रावास की स्थापना का प्रस्ताव है, इसके लिए लगभग 10,000 करोड़ का प्रावधान किया गया है। इससे छात्राओं को सुरक्षित आवास मिल सकेगा। महिलाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने हेतु 1.5 लाख देखभाल सेवा प्रदाताओं और 1 लाख संबद्ध स्वास्थ्य पेशेवरों को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य रखा गया है। महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। ग्रामीण महिला नेतृत्व वाले उद्यमों के लिए विशेष पहल की गई है, जिसमें लखपति दीदी योजना पर आधारित सामुदायिक स्व-सहायता समूह उद्यम स्थापित करने का प्रावधान है। लखपति दीदी योजना की सफलता को देखते हुए केंद्र सरकार ने महिलाओं के लिए शुरू हुई इस योजना को आगे बढ़ाने का फैसला लिया है। योजना के तहत महिलाओं को आजीविका से बढ़ाकर बिजनेसवुमन बनाने की ओर बढ़ाया जाएगा।

युवा केंद्रित बजट
उन्होंने कहा कि युवाओं के कौशल विकास और रोजगार के लिए बजट में व्यापक अवसर हैं। शिक्षा से रोजगार एवं उद्यम स्थायी समिति का गठन और 15,000 माध्यमिक विद्यालयों व 500 महाविद्यालयों में ए.वी.जी.सी. कंटेंट क्रिएटर लैब की स्थापना रचनात्मकता को बढ़ावा देगी। पर्यटन क्षेत्र में आई.आई.एम. के सहयोग से 10 हजार गाइडों के कौशल उन्नयन और खेलो इंडिया मिशन के माध्यम से अगले दशक में खेल क्षेत्र में बदलाव लाने का लक्ष्य युवाओं को नई दिशा देगा। एमएसएमई ग्रोथ फंड के लिए 10,000 करोड़ रुपये का आवंटन युवा उद्यमियों को संबल प्रदान करेगा। रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराने वाला बजट,सारंग जी ने कहा कि रोजगार बजट 2026 में हेल्थ केयर सिस्टम की मजबूती को ऐलान किया गया। इसे लेकर निर्मला सीतारमण ऐलान किया कि आगामी 5 सालों में 1 लाख हेल्थ प्रोफेशनल्स को जोड़ा जाएगा। 1.5 लाख केयर गिवर्स को ट्रेनिंग देने का भी ऐलान किया गया है साथ ही राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य और न्यूरोसाइकोलॉजी संस्थान स्थापित किया जाएगा। सरकार शिक्षा को रोजगार और उद्यम के साथ जोड़ने के लिए प्रयास कर रही है।

स्वास्थ्य को सशक्त करने वाला बजट
श्री विश्वास सारंग ने कहा कि स्वास्थ्य सुरक्षा को सुदृढ़ करने के लिए श्बायोफार्मा शक्तिश् के तहत 10,000 करोड़ रुपये का आवंटन और तीन नए एन.आई.पी.ई.आर. संस्थानों का निर्माण भारत को वैश्विक बायोफार्मा केंद्र बनाएगा। 17 दवाओं और 7 असाध्य रोगों की दवाओं पर सीमा शुल्क में छूट और अगले पांच वर्षों में एक लाख संबद्ध स्वास्थ्य सेवा पेशेवरों को जोड़ने का लक्ष्य स्वास्थ्य सेवाओं को सस्ता और सुलभ बनाएगा। एक हजार से अधिक मान्यता प्राप्त इंडिया क्लिनिकल ट्रायल्स स्थलों का नेटवर्क बनाया जाएगा। रक्षा एवं विमानन क्षेत्र को आत्मनिर्भर बनाने वाला
उन्होने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी देश को हर क्षेत्र में आत्मनिर्भर बना रहे है उसी क्रम में रक्षा क्षेत्र को आत्मनिर्भर बनाने हेतु रक्षा बजट में 15 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। यह देश की सुरक्षा के प्रति प्रधानमंत्री जी की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। देश को आत्मनिर्भरता की ओर ले जाने के लिए रक्षा क्षेत्र में महत्वपूर्ण घोषणाएं की गई हैं। रक्षा इकाइयों द्वारा विमानों के रखरखाव, मरम्मत और अन्य आवश्यकताओं के लिए पुर्जी के निर्माण में उपयोग होने वाले आयातित कच्चे माल पर मूलभूत सीमा शुल्क में छूट दी जाएगी। इसके अतिरिक्त, असैनिक और प्रशिक्षण विमानों के निर्माण के लिए आवश्यक कलपुर्जी पर भी शुल्क में रियायत दी गई है। यह कदम घरेलू रक्षा विनिर्माण और विमानन क्षेत्र को सशक्त बनाएगा। भारत के भविष्य को सशक्त बनाने वाला बजट पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि भारत में सेमीकंडक्टर के निर्माण पर सरकार का पूरा जोर है। सरकार ने सेमीकंडक्टर को बढ़ावा देने के लिए 22,500 करोड़ बढ़ाकर 40 हजार करोड़ करने का प्रस्ताव करते हैं। इस बजट का एक प्रमुख और दूरगामी प्रावधान देशभर में 30 रासायनिक पार्कों का निर्माण है। यह भारत को वैश्विक केमिकल वैल्यू-चेन का सशक्त केंद्र बनाने की दिशा में निर्णायक कदम है। भारत तेजी से शहरीकरण की ओर बढ़ रहा है। ऐसे में बजट 2026-27 ने यह स्वीकार किया है कि शहर केवल रहने के स्थान नहीं, बल्कि आर्थिक विकास के इंजन हैं। नए इकोनॉमिक ज़ोन का उद्देश्य शहरों को अव्यवस्थित विस्तार से निकालकर योजनाबद्व, उत्पादक और रोजगार-केंद्रित विकास मॉडल की ओर ले जाना है। खादी, हथकरघा और हस्तशिल्प की मजबूती के लिए महात्मा गांधी ग्राम स्वराज पहल शुरू करने का प्रस्ताव। इससे देश के बुनकरों, ग्राम उद्योगों, एक जिला-एक उत्पाद पहल और ग्रामीण युवाओं को लाभ होगा। मध्यम वर्ग एवं व्यापारियों को बजट से मिली बड़ी राहत मंत्री विश्वास सारंग जी ने कहा कि प्रस्तुत केन्द्रीय बजट में मध्यम वर्ग का विशेष ध्यान रखा गया है। इस बजट में किसी भी प्रकार का नया कर रोपित नहीं करते हुए जहां उन्हें आर्थिक नुकसान से बचाया गया है। वहीं कम या शून्य ज्क्ै सर्टिफिकेट के लिए अफसर के पास आवेदन करने की जरूरत नहीं होगी। यह ऑटोमैटिक सिस्टम के जरिए आसान हो जाएगा। मिडल क्लास परिवारों के स्वास्थ्य के खर्चों में कमी व गुणवत्तापूर्ण इलाज देने के लिए जिला स्तर पर बायोफार्मा और आयुष केंद्रों के लिए 10,000 करोड़ का फंड आवंटित किया गया है। सरकार ने दवाओं पर लगने वाले शुल्क में कटौती की है। साथ ही व्यापारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए नवीन कर व्यवस्था लाई गई है जो काफी सरल व डिजिटल है। साथ ही अब टैक्स प्रकरणों को आपराधिक प्रकरण न मानते हुए सिविल प्रकरण माना जायेगा और व्यापारी पैनाल्टी भरकर प्रकरण से मुक्त हो सकेंगे। ई-कॉमर्स निर्यातकों के लिए कुरियर के माध्यम से निर्यात की 10 लाख रुपये की सीमा को समाप्त कर दिया गया है, जो छोटे उद्यमियों और कारीगरों के लिए वैश्विक बाजार के द्वार खोलेगा। साथ ही सीमा शुल्क प्रक्रियाओं को पूरी तरह डिजिटल कर पारदर्शी किया जायेगा। इस अवसर पर जिला कार्यालय मंत्री आशीष पचौरी, जिला सह मीडिया प्रभारी पवन जैन, राजेश परिहार सहित बड़ी संख्या में पत्रकार साथी जन उपस्थित रहे।

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