एकाग्र मन से कथा श्रवण कर ब्रम्ह को जान सकता है मनुष्य -कथा ब्यास अतुल जी महराज

एकाग्र मन से कथा श्रवण कर ब्रम्ह को जान सकता है मनुष्य -कथा ब्यास अतुल जी महराज

साड़ाहर्षपुर मे चल रही श्री मदभागवत कथा के तीसरे दिन कथा ब्यास ने श्रीशुकदेव जी महाराज के जन्म की कथा का श्रवण कराया।

दैनिक चक्र प्रतापगढ़
अवधेश चंद्र पांडेय

कुंडा/प्रतापगढ़ । बाबागंज क्षेत्र के सांडाहर्षपुर गांव निवासी मुख्य यजमान रामप्यारे शुक्ला सावित्री देवी लालमणि शुक्ला पत्नी मिथिलेश शुक्ला संजय शुक्ला पत्नी मंजू शुक्ला के यहाँ श्रीमद् भागवत कथा के तीसरे दिन कथा व्यास अतुल जी महाराज ने श्री सुखदेव जी महाराज के जन्म की सुंदर व्याख्या प्रस्तुत करते हुए बताया की इस अमृत रूपी कथा को सबसे पहले देवाधिदेव महादेव ने माता पार्वती को सुनाया कथा के दौरान ही कुछ देर मे माँ पार्वती को नींद आ गयी वह सो गयी और अमर कथा का श्रवण तोते ने वृक्ष पर बैठकर एकाग्रता के साथ किया।कथा की समाप्ति के पश्चात शंख की ध्वनि के कारण नींद से जागी माता पार्वती ने भगवान शिव से आगे की कथा के बारे में पूछा तब मालूम हुआ की अमर कथा को तो पेड़ पर बैठा एक तोता सुन रहा था। भगवान शंकर क्रोधित होकर तोते को करने के लिए दौड़ा लिया कथा सुनकर अमर हो चुका तोता भागते-भागते महर्षि व्यास की पत्नी के गर्भ में प्रवेश कर अपनी प्राण रक्षा की। समय पूरा होने पर महर्षि व्यास की पत्नी ने एक सुंदर बालक को जन्म दिया वहीं बालक आगे चलकर श्री शुकदेव जी के रूप में श्रीमद् भागवत अमर कथा को धरती पर राजा परीक्षित को सुनाई। कथा के दौरान आशा शुक्ला प्रधान,अनुजत्रिपाठी, आलोक पांडे रामचंद्र शुक्ल,रामेश्वर प्रसाद मिश्रा,केदारनाथ तिवारी,रामू पांडे,त्रिभुवन नाथ मिश्रा, लवकुश शुक्ला, लाल जी तिवारी, अरविंद शुक्ला,छोटेलाल यादव, समेत सैकड़ो की संख्या में महिला पुरुष श्रोतागण मौजूद रहे।

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