एटा तहसील में अधिवक्ताओं का हंगामा, भ्रष्टाचार और अव्यवस्था के खिलाफ किया प्रदर्शन
संवाददाता अमन अहमद।
एटा जिला मुख्यालय स्थित तहसील परिसर में गुरुवार को अधिवक्ताओं ने तहसील प्रशासन के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। अधिवक्ताओं ने प्रशासनिक अधिकारियों पर लापरवाही और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाते हुए नारेबाजी की। यह विरोध प्रदर्शन अधिवक्ता संघ तहसील अलीगंज के बैनर तले किया गया, जिसमें दर्जनों अधिवक्ताओं ने भाग लिया। प्रदर्शन के दौरान पूर्व अधिवक्ता संघ एटा के अध्यक्ष ओंकार सिंह यादव ने कहा कि तहसील सदर एटा में इन दिनों भ्रष्टाचार चरम पर है। उन्होंने आरोप लगाया कि कई जरूरी फाइलें लंबे समय से लंबित पड़ी हैं, जिससे आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि सरकारी रिकॉर्ड की फर्द, जिसकी निर्धारित फीस 15 रुपये है, उसके लिए लोगों से 50-50 रुपये तक वसूले जा रहे हैं।अधिवक्ताओं का कहना है कि तहसील के विभिन्न पटल पर निजी कर्मचारियों की तैनाती कर दी गई है और बैनामा लेखक भी दलाली में शामिल हैं। इसके साथ ही तहसील में अधिवक्ताओं और वादकारियों के लिए पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं का भी अभाव है। दाखिल-खारिज के मामलों में अनावश्यक देरी की भी शिकायत की गई। अधिवक्ताओं ने तहसीलदार एटा को हटाने की मांग करते हुए चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं की गई, तो आने वाले दिनों में अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू किया जाएगा। इस संबंध में अधिवक्ताओं ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर समस्या के समाधान की मांग करने की बात कही।












