लखनऊ में सपा का हल्ला बोल: विधायक रविदास मेहरोत्रा फर्श पर बैठे, नगर निगम का घेराव कर गिनाईं 11 बड़ी समस्याएं
स्टेट डिप्टी ब्यूरो चीफ धर्मेंद्र चौहान

लखनऊ मध्य विधानसभा क्षेत्र से समाजवादी पार्टी (सपा) के विधायक रविदास मेहरोत्रा सोमवार को अपने पार्षदों और कार्यकर्ताओं के साथ नगर निगम मुख्यालय पहुंच गए। यहां उन्होंने जोरदार प्रदर्शन करते हुए मुख्यालय परिसर के ग्राउंड फ्लोर पर फर्श पर बैठकर नारेबाजी की और नगर निगम के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। विधायक का आरोप है कि उनके क्षेत्र में लंबे समय से पानी, सड़क और साफ-सफाई जैसी बुनियादी समस्याएं बनी हुई हैं, लेकिन नगर निगम प्रशासन इन पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रहा। उन्होंने कहा कि हालात यह हैं कि लोगों को पीने का पानी तक नहीं मिल रहा, जबकि दूसरी ओर जल कर बढ़ा दिया गया है।
“स्मार्ट सिटी नहीं, स्मार्ट टैक्स लगाया जा रहा”
रविदास मेहरोत्रा ने नगर निगम पर तंज कसते हुए कहा कि लखनऊ को स्मार्ट सिटी बनाने की बात की गई थी, लेकिन हकीकत में “स्मार्ट टैक्स” लगाया जा रहा है। शहर में जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हैं, जिससे बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है, लेकिन सफाई व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त है।
पार्षदों को नहीं मिल रहा फंड
सपा की राष्ट्रीय सचिव लता जायसवाल ने सरकार पर भेदभाव का आरोप लगाते हुए कहा कि सपा पार्षदों को विकास कार्यों के लिए पर्याप्त बजट नहीं दिया जा रहा। कई इलाकों में पानी की भारी किल्लत है, नालियां खराब हैं और जो पानी सप्लाई हो रहा है, वह भी पीने योग्य नहीं है।
वहीं, प्रदेश सचिव शबनम खान ने कहा कि सपा पार्षदों की निधि रोकी जा रही है, जिसके कारण वार्डों में विकास कार्य ठप पड़े हैं। उन्होंने कहा कि अगर फंड मिलता, तो क्षेत्र की स्थिति बेहतर होती।
विधायक की 11 प्रमुख मांगें
प्रदर्शन के दौरान विधायक रविदास मेहरोत्रा ने नगर निगम के सामने 11 अहम मांगें रखीं—
खुले नालों को ढककर दुर्घटनाएं रोकी जाएं
छत्ते वाले पुल के पास जर्जर सड़क की मरम्मत
17 वार्डों की खराब पानी टंकियों की तत्काल मरम्मत
8 वार्डों में नई स्ट्रीट लाइट लगाई जाएं
पेयजल लाइनों में सीवर पानी मिलने की समस्या दूर हो
विकास कार्यों के शिलापट्टों पर विधायक का नाम अंकित किया जाए
प्रमुख चौराहों पर जाम की समस्या का समाधान
जर्जर सड़कों की मरम्मत जल्द कराई जाए
खराब ट्यूबवेल ठीक कर नए ट्यूबवेल लगाए जाएं
श्मशान घाट और कब्रिस्तान का विकास कराया जाए
सफाईकर्मियों की कमी दूर कर नियमित सफाई और सीवर व्यवस्था सुनिश्चित हो
“2027 में जवाब देंगे”
सपा नेताओं ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि 2027 में सपा सरकार आने पर इन मुद्दों का जवाब दिया जाएगा। इस प्रदर्शन के चलते नगर निगम मुख्यालय पर काफी देर तक हलचल बनी रही और प्रशासनिक अधिकारियों पर समस्याओं के समाधान का दबाव साफ नजर आया।












