फाइनेंस कंपनी में 8 लाख का गबन: सहायक डायरेक्टर समेत तीन पर केस दर्ज
संवाददाता आयशा अल गजल सुल्तानपुर

सुल्तानपुर के कोतवाली नगर क्षेत्र में स्थित कत्यानी गोल्डेन निधि लिमिटेड नामक फाइनेंस कंपनी में 8 लाख रुपये के गबन का मामला सामने आया है। कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने कंपनी के सहायक डायरेक्टर सहित तीन लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी और गबन की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।
क्या है पूरा मामला?
कंपनी के डायरेक्टर शिवांश त्रिपाठी ने आरोप लगाया है कि सहायक डायरेक्टर अतुल तिवारी, फिरोज अहमद और नीलम मिश्रा ने मिलकर कंपनी के खाते से अवैध तरीके से पैसे निकाले। यह गड़बड़ी 5 अक्टूबर 2020 से शुरू हुई और धीरे-धीरे सामने आई।
अलग-अलग नामों से निकाली गई रकम
शिकायत के अनुसार—
अतुल तिवारी ने बिना उच्च अधिकारियों की अनुमति के बैंक ऑफ बड़ौदा (डिहवा शाखा) के खाते से चेक जारी किए।
फिरोज अहमद के नाम पर 3 लाख रुपये का चेक जारी कर निकासी की गई।
नीलम मिश्रा के नाम पर भी 3 लाख रुपये का चेक जारी किया गया, जिसे सरोज सिंह के खाते से निकाला गया।
इसके अलावा सरोज सिंह के नाम पर 2 लाख रुपये का एक और चेक जारी कर भुगतान लिया गया।
कोर्ट के आदेश पर दर्ज हुआ मुकदमा
डायरेक्टर शिवांश त्रिपाठी का कहना है कि जब उन्होंने आरोपियों से हिसाब मांगा तो कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। स्थानीय पुलिस और एसपी स्तर पर कार्रवाई न होने पर उन्होंने न्यायालय की शरण ली। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) नवनीत सिंह के आदेश के बाद 5 अप्रैल को कोतवाली नगर थाने में एफआईआर दर्ज की गई।
जांच शुरू
पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच उप-निरीक्षक जितेंद्र यादव को सौंप दी है। मामले की विवेचना जारी है और आगे की कार्रवाई जांच के आधार पर की जाएगी। यह मामला वित्तीय अनियमितताओं और आंतरिक नियंत्रण की कमी को उजागर करता है, जिससे निवेशकों और खाताधारकों में चिंता बढ़ सकती












