एटा: सीडीओ के निरीक्षण में उजागर हुईं ग्रामीण क्षेत्रों की बदहाल व्यवस्थाएं, अफसरों पर गिरी गाज
संवादाता अमन अहमद: एटा, सकीट ब्लॉक। रविवार को मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) डॉ. नागेंद्र नारायण मिश्र ने ग्राम पंचायत नगला भजुआ, चपराई, भरतोली और चांदपुर लोकसपुर का औचक निरीक्षण किया, जिसमें सरकारी योजनाओं की पोल खुलती नजर आई। अधिकांश आंगनबाड़ी केंद्र अधूरे मिले, निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठे, और सामुदायिक शौचालय बंद अवस्था में पाए गए।
गुणवत्ता और अधूरे कार्यों पर जताई गहरी नाराजगी
नगला भजुआ में सामुदायिक शौचालय बंद मिला, पानी की कोई व्यवस्था नहीं। दिव्यांगों के लिए लगाई गई रेलिंग गायब थी और शौचालय की स्थिति बेहद गंदी मिली।
चपराई में आंगनबाड़ी केंद्र अधूरा, बिजली फिटिंग और शौचालय निर्माण अपूर्ण मिला। सोलर पिलर भी उखड़े हुए पाए गए।
चांदपुर लोकसपुर में भी आंगनबाड़ी केंद्र निर्माण अधूरा मिला और पंचायत सचिवों व सहायक विकास अधिकारियों की लापरवाही सामने आई।
कई अधिकारियों पर कार्रवाई
बीडीओ उमेश चंद्र अग्रवाल और एडीओ पंचायत का वेतन रोका गया।
सीडीपीओ व सहायक विकास अधिकारी को नोटिस जारी।
पंचायत सचिव व ग्राम प्रधान के विरुद्ध भी कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
शौचालय के रख-रखाव में लापरवाही पर केयरटेकर का मानदेय रोका गया।
भरतोली: 10 साल से अधूरा सचिवालय, बीम चटक चुका
भरतोली में ग्राम सचिवालय 10 वर्षों से अधूरा है। निरीक्षण में कमरे का बीम टूटा हुआ पाया गया और भवन में प्याज भरे मिले। 2023-24 में बना आंगनबाड़ी केंद्र भी अधूरा है, और शौचालय बेहद गंदे हाल में हैं।
निर्देश और चेतावनी
सीडीओ ने संबंधित अभियंताओं, अधिकारियों और ग्राम पंचायत के जिम्मेदारों को सख्त चेतावनी दी है कि एक सप्ताह के अंदर संतोषजनक जवाब न मिलने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
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