रामजी लाल सुमन का जातिवाद पर तीखा प्रहार, बोले – “गुण-दोष का मामला है, जाति का नहीं”
संवादाता काव्यांश रावत एटा: समाजवादी पार्टी के राज्यसभा सांसद रामजी लाल सुमन जलेसर क्षेत्र के मोहनपुर गांव पहुंचे। वहां उन्होंने कल्याण सिंह की मूर्ति क्षतिग्रस्त होने के विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह विवाद कुछ सजातीय लोगों की भावनात्मक प्रतिक्रिया है, लेकिन इसके लिए अन्य जाति पर आरोप लगाना अनुचित है।
इटावा में कथित “यादव वर्सेस ब्राह्मण” विवाद पर उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, “यह सब पागलपन है। यह वे लोग फैला रहे हैं जो मनुस्मृति में विश्वास रखते हैं। किसी के बाप ने जाति के नाम पर ठेका नहीं ले रखा। यह विशुद्ध रूप से गुण और दोष का मामला है, जाति का नहीं।”
उन्होंने कहा कि अगर किसी व्यक्ति के पास हुनर, इल्म और धार्मिक ग्रंथों का ज्ञान है तो उसकी जाति कोई मायने नहीं रखती। “जो भागवत पढ़ना जानता है, उसे केवल उसकी जाति के आधार पर अधिकारों से वंचित नहीं किया जा सकता,” उन्होंने दोटूक कहा।
इस दौरान रामजी लाल सुमन ने आगामी 9 जुलाई को होने वाले विशाल धरने को लेकर सपा कार्यकर्ताओं के साथ रणनीति भी
बनाई। धरना विभिन्न जनसमस्याओं और प्रशासन की नीतियों के विरोध में प्रस्तावित है।
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