फर्रुखाबाद (कम्पिल। थाना कम्पिल क्षेत्र के ग्राम,पथरामई में भीषण अग्निकांड: एक दर्जन से अधिक घर जलकर खाक, कई मवेशी जिंदा जले — गांव में मचा हाहाकार
पवन सूर्यवंशी ब्यूरो एनसीआर 


फर्रुखाबाद (कम्पिल। थाना कम्पिल क्षेत्र के ग्राम पथरामई में रविवार को अज्ञात कारणों से लगी भीषण आग ने कुछ ही देर में विकराल रूप धारण कर लिया और एक दर्जन से अधिक ग्रामीणों की झोपड़ियों व मकानों को अपनी चपेट में ले लिया। इस दर्दनाक अग्निकांड में कई मवेशी जिंदा जल गए, भारी मात्रा में अनाज, नकदी, वाहन व गृहस्थी का सामान जलकर राख हो गया। घटना के बाद पूरे गांव में हाहाकार और अफरा-तफरी का माहौल बन गया।प्राप्त जानकारी के अनुसार गांव निवासी ऋषिपाल पुत्र उधो के घर में अचानक आग लग गई। उस समय ऋषिपाल खेत पर फसलों में पानी लगा रहे थे, जबकि उनकी पत्नी और बच्चे घर के अंदर सो रहे थे। अचानक उठीं आग की लपटों ने देखते ही देखते पूरी झोपड़ी को अपनी चपेट में ले लिया। परिजन जब तक कुछ समझ पाते, तब तक आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और आसपास की झोपड़ियों में भी फैल गई। इस भीषण आग में ऋषिपाल की दो भैंसें और एक पड़वा जिंदा जल गए, जबकि एक अन्य भैंस गंभीर रूप से झुलस गई।इसके अलावा तीन बकरियां भी जलकर मर गईं। पीड़ित ऋषिपाल के अनुसार उनकी मोटरसाइकिल, लगभग 40 हजार रुपये की नकदी और करीब 100 पैकेट गेहूं भी आग की भेंट चढ़ गए। उनके पिता उधो की एक भैंस और तीन बकरियां भी इस हादसे में जिंदा जल गईं। वहीं गांव के ही निवासी जसवीर पुत्र ओमपाल का झोपड़ी के बाहर खड़ा ट्रैक्टर और थ्रेसर भी पूरी तरह जलकर नष्ट हो गया। उनके सैकड़ों पैकेट गेहूं और अन्य कृषि उपकरण भी आग में स्वाहा हो गए। खिलाड़ी पुत्र उधो की झोपड़ी जलने से लगभग 40 बोरी गेहूं और गृहस्थी का पूरा सामान नष्ट हो गया। टीकाराम की झोपड़ी में लगी आग से उनका अनाज, भूसा और अन्य घरेलू सामग्री जलकर खाक हो गई। इसके अलावा सुखराम, मुलायम, सुखबीर, श्यामाचरण, अमरीश मिश्रा, नन्हे, सूरजपाल, अनिल सहित कई अन्य ग्रामीणों की झोपड़ियां भी इस भीषण अग्निकांड की चपेट में आ गईं। कुल मिलाकर एक दर्जन से अधिक परिवार इस आग से प्रभावित हुए हैं, जिनकी वर्षों की मेहनत से जोड़ी गई गृहस्थी पलभर में राख हो गई।घटना के दौरान पूरे गांव में चीख-पुकार और भगदड़ मच गई। ग्रामीणों ने समर्सिबल पंप, बाल्टियों और मोटरों के जरिए आग बुझाने का भरसक प्रयास किया, लेकिन तेज हवाओं के चलते आग लगातार फैलती चली गई और हालात बेकाबू हो गए। सूचना देने के बावजूद फायर ब्रिगेड की टीम लगभग एक घंटे बाद मौके पर पहुंची, जिसके बाद कड़ी मशक्कत से आग पर काबू पाया जा सका।
सूचना मिलते ही थाना प्रभारी नितिन चौधरी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और राहत एवं बचाव कार्य शुरू कराया। उन्होंने ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और आग पर काबू पाने में अहम भूमिका निभाई।वहीं क्षेत्रीय लेखपाल अनिल ने भी मौके पर पहुंचकर नुकसान का आंकलन शुरू किया। उन्होंने बताया कि सभी प्रभावित परिवारों का सर्वे कराया जा रहा है और रिपोर्ट तैयार कर उच्चाधिकारियों को भेजी जाएगी, ताकि पीड़ितों को जल्द से जल्द राहत और मुआवजा मिल सके।इस भयावह घटना के बाद गांव में मातम और दहशत का माहौल बना हुआ है। कई परिवार खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं और उनके सामने खाने-पीने व रहने की गंभीर समस्या खड़ी हो गई है। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल राहत सामग्री, टेंट, खाद्यान्न और आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है। स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों ने भी घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए पीड़ित परिवारों को हर संभव मदद दिलाने का भरोसा दिया है। यह अग्निकांड न केवल आर्थिक रूप से बल्कि मानसिक रूप से भी ग्रामीणों को झकझोर देने वाला साबित हुआ है।












