एटा में दलितों और बुद्ध प्रतिमा अपमान के खिलाफ उबाल
सपा सांसद रामजीलाल सुमन नजरबंद, युवा नेता शशांक यादव ‘सीटू’ ने संभाला मोर्चा
संवाददाता धर्मेंद्र चौहान जनपद एटा में एक के बाद एक सामाजिक सौहार्द को ठेस पहुंचाने वाली घटनाओं ने क्षेत्र में आक्रोश की लहर पैदा कर दी है। गौतम बुद्ध की मूर्ति तोड़े जाने, जैथरा में समाजवादी पार्टी के मुखिया की होर्डिंग फाड़े जाने और ढकपुरा गांव में दलित समुदाय की बारात को रोके जाने जैसी घटनाओं के खिलाफ विरोध प्रदर्शन तेज हो गया है।
इन्हीं घटनाओं के विरोध में राज्यसभा सांसद और समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता रामजीलाल सुमन जब मौके पर पहुंचे तो प्रशासन ने उन्हें हाउस अरेस्ट कर लिया। बताया जा रहा है कि घटनास्थलों पर मौजूद प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों से उनकी काफी तीखी झड़प भी हुई।
इस पूरे घटनाक्रम के दौरान सांसद रामजीलाल सुमन के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े नजर आए एटा के युवा सपा नेता शशांक यादव ‘सीटू’, जिन्होंने पूरे आंदोलन की अगुवाई करते हुए कहा,
“अराजक तत्वों के खिलाफ प्रशासन पूरी तरह बेबस है। लेकिन हम संघर्षों के आदी हैं और पीछे हटने वाले नहीं।”
विरोध प्रदर्शन के जरिए सपा नेताओं ने प्रशासन को चेतावनी दी कि अगर दोषियों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। स्थानीय लोगों का कहना है कि ये घटनाएं सामाजिक ताने-बाने को बिगाड़ने की सुनियोजित साजिश हैं और जिम्मेदारों को सख्त सजा मिलनी चाहिए।
इस बीच पुलिस और प्रशासन स्थिति को नियंत्रण में रखने के प्रयास में जुटा हुआ है, लेकिन समाजवादी पार्टी के नेताओं का साफ कहना है कि न्याय की लड़ाई सड़क से सदन तक लड़ी जाएगी।
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