“राजभवन से निकला राष्ट्रहित का संदेश : राज्यपाल रमेन डेका ने घटाया कारकेड, जनता से की मितव्ययता और जिम्मेदार जीवनशैली अपनाने की अपील”
जिला संवाददाता ताम्रध्वज साहू
नरेन्द्र मोदी की राष्ट्रहित में की गई अपील को गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ अमल में लाते हुए रमेन डेका ने एक अनुकरणीय पहल की है। राज्यपाल ने अपने आधिकारिक काफिले (कारकेड) में चलने वाले वाहनों की संख्या कम कर यह स्पष्ट संदेश दिया है कि देशहित सर्वोपरि है और हर स्तर पर संसाधनों की बचत समय की आवश्यकता बन चुकी है। राज्यपाल रमेन डेका ने केवल औपचारिक घोषणा तक सीमित न रहते हुए स्वयं उदाहरण प्रस्तुत किया। उन्होंने प्रधानमंत्री द्वारा दिए गए संदेश को व्यवहार में उतारते हुए आम जनता से भी मितव्ययता अपनाने, अनावश्यक खर्चों में कमी लाने तथा संसाधनों का जिम्मेदारीपूर्वक उपयोग करने का आव्हान किया। राज्यपाल ने कहा कि वर्तमान समय में देश के प्रत्येक नागरिक की यह नैतिक जिम्मेदारी है कि वह ऊर्जा, ईंधन एवं घरेलू संसाधनों का विवेकपूर्ण उपयोग करे। उन्होंने विशेष रूप से निजी वाहनों का कम उपयोग करने और अधिक से अधिक सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था अपनाने पर बल दिया। उनका मानना है कि इससे न केवल ईंधन की बचत होगी बल्कि पर्यावरण संरक्षण और यातायात व्यवस्था में भी सकारात्मक सुधार आएगा। राज्यपाल ने राज्य शासन से भी अपेक्षा व्यक्त की है कि प्रधानमंत्री की मंशा के अनुरूप तुरंत प्रभावी कदम उठाए जाएं, ताकि शासन-प्रशासन के स्तर पर भी सादगी, बचत और जिम्मेदारी की नई मिसाल कायम हो सके। राजभवन से उठाया गया यह कदम केवल प्रशासनिक निर्णय नहीं बल्कि समाज के लिए प्रेरणा का संदेश बनकर उभरा है। राज्यपाल की यह पहल आम जनता के बीच राष्ट्रहित, अनुशासन और जनजागरूकता का मजबूत संदेश देने वाली मानी जा रही है।












