एटा में सफाई कर्मचारियों का धरना समाप्त, प्रशासन ने मानी प्रमुख मांगें
संवाददाता पुष्पेंद्र कुमार 


एटा। ग्राम पंचायतों में तैनात ग्रामीण सफाई कर्मचारियों का कलेक्ट्रेट परिसर में चल रहा अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन प्रशासन के आश्वासन के बाद फिलहाल स्थगित कर दिया गया। उपजिलाधिकारी एवं प्रभारी जिला पंचायत राज अधिकारी राजकुमार मौर्य द्वारा कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान का भरोसा दिए जाने पर कर्मचारियों ने धरना समाप्त करने की घोषणा की। उत्तर प्रदेश सफाई कर्मचारी संघ के बैनर तले सैकड़ों सफाई कर्मचारी पिछले तीन दिनों से अपनी विभिन्न मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में लंबे समय से लंबित एसीपी (Assured Career Progression) लागू किए जाने तथा पूर्व में हटाए गए एक बाबू को दोबारा उसी पटल पर तैनात किए जाने से उत्पन्न हो रही समस्याओं का समाधान शामिल था। धरना समाप्त कराने के लिए एएसडीएम एवं प्रभारी जिला पंचायत राज अधिकारी राजकुमार मौर्य ने कर्मचारियों के प्रतिनिधिमंडल के साथ वार्ता की। वार्ता के दौरान उन्होंने कर्मचारियों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और उनकी जायज मांगों के शीघ्र निस्तारण का आश्वासन दिया। प्रशासन की ओर से बकाया देयकों एवं एसीपी से जुड़े मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने के निर्देश दिए गए। साथ ही तीन माह से लंबित मामलों के निर्धारित समयसीमा में समाधान का भरोसा भी दिलाया गया। प्रशासन के आश्वासन पर भरोसा जताते हुए कर्मचारियों ने अपना अनिश्चितकालीन धरना अग्रिम आदेश तक स्थगित कर दिया। जिला प्रशासन ने कर्मचारियों से संवाद बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि कर्मचारियों और जनहित दोनों के प्रति प्रशासन पूरी तरह संवेदनशील है। इस दौरान संगठन के मंडल महामंत्री ब्रजेश कुमार ने बताया कि धरना पिछले तीन दिनों से जारी था। उन्होंने कहा कि तीन बाबुओं को हटाकर अन्य पटल दिए गए हैं तथा विकास भवन पर तैनात सात कर्मचारियों का स्थानांतरण भी किया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि धरने के दौरान कुछ कर्मचारियों की तबीयत रात में खराब हो गई थी।












