ग्रामीण महिला किसानों का प्रदर्शन, पुलिस और आबकारी टीम पर धमकाने के आरोप
मंडल संवाददाता अमित चौहान

अवैध शराब, बिजली मीटर और मुकदमों के विरोध में महिलाओं ने खोला मोर्चा
अलीगढ़ के मोहनपुरा क्षेत्र में गुरुवार को संयुक्त श्रमिक किसान मोर्चा के बैनर तले ग्रामीण महिला किसानों ने विभिन्न जनसमस्याओं को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी महिलाएं अफजलपुर गांव में एकत्रित होकर रामपुर गांव की ओर बढ़ रही थीं, तभी मौके पर पहुंची आबकारी विभाग और स्थानीय पुलिस की टीम ने उन्हें रोकने का प्रयास किया। महिलाओं का आरोप है कि पुलिस और आबकारी विभाग की गाड़ियों ने उन्हें घेर लिया तथा प्रदर्शन जारी रखने पर झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकी दी गई। प्रदर्शनकारी महिलाओं ने इसे आंदोलन दबाने की कोशिश बताया।
शराब माफिया पर अभद्रता, पुलिस पर संरक्षण देने का आरोप
प्रदर्शन के दौरान महिलाओं ने आरोप लगाया कि अफजलपुर के एक कथित शराब माफिया ने संयुक्त श्रमिक किसान मोर्चा के जिलाध्यक्ष धर्मेंद्र लोधी की पत्नी के साथ गाली-गलौज और अभद्र व्यवहार किया। महिलाओं का कहना है कि मौके पर मौजूद पुलिस और आबकारी विभाग की टीम तमाशबीन बनी रही।
महिलाओं के अनुसार पुलिस ने उन्हें चेतावनी दी कि महिला पुलिस बुलाकर सभी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। प्रदर्शनकारियों ने यह भी आरोप लगाया कि पहले अवैध शराब बिक्री का वीडियो दिखाने पर पुलिसकर्मियों ने वीडियो डिलीट करवा दिया था।
इन मांगों को लेकर सड़क पर उतरीं महिलाएं
संयुक्त श्रमिक किसान मोर्चा की महिलाओं ने कई मुद्दों को लेकर प्रदर्शन किया। प्रमुख मांगों में ग्रामीण क्षेत्रों में अवैध शराब की बिक्री पर रोक, नए बिजली मीटर हटाकर पुराने मीटर बहाल करना तथा किसानों और सामाजिक कार्यकर्ताओं पर दर्ज मुकदमे वापस लेने की मांग शामिल रही। महिलाओं ने मुरादाबाद के बिलारी थाना क्षेत्र में 24 किसानों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने, भमोला में पुराने बिजली मीटर की मांग कर रही महिलाओं पर दर्ज मामलों को निरस्त करने और खैर की 14 वर्षीय दुष्कर्म पीड़िता को न्याय दिलाने की मांग भी उठाई।
“धमकियों से नहीं डरेंगे”
मोर्चा से जुड़ी महिलाओं ने कहा कि वे पुलिस और कथित माफियाओं की धमकियों से डरने वाली नहीं हैं। उन्होंने गांव-गांव जाकर आंदोलन जारी रखने और महिलाओं के सम्मान व अधिकारों के लिए संघर्ष तेज करने का ऐलान किया।
प्रदर्शन में ओमवती देवी, जानकी प्यारी, मोहर श्री, सुखदेवी, अक्षय रानी, गीता देवी, पुष्पा देवी और कुसुम देवी समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण महिलाएं मौजूद रहीं












