प्रेस वार्ता में बवाल: सवाल पूछने पर मंत्री इंदर सिंह परमार भड़के, पत्रकार से धक्का-मुक्की का आरोप
मध्य प्रदेश के दमोह जिले में आयोजित एक सरकारी प्रेस वार्ता के दौरान उस समय विवाद खड़ा हो गया,
जब पत्रकार द्वारा पूछे गए सवाल पर प्रभारी मंत्री इंदर सिंह परमार नाराज हो गए। आरोप है कि
मंत्री ने पत्रकार अरुण मिश्रा के साथ धक्का-मुक्की की, जिससे वह आहत हो गए।
जानकारी के अनुसार, इस प्रेस वार्ता में दमोह विधायक जयंत मलैया, मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी और सांसद राहुल सिंह लोधी सहित कई जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद थे।

पत्रकारों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ईंधन बचत अपील को लेकर सवाल उठाया, जिस पर मंत्री असहज हो गए और माहौल तनावपूर्ण हो गया।
काफिले को लेकर उठे सवाल
पत्रकारों ने मंत्री के काफिले में बड़ी संख्या में वाहनों के उपयोग पर भी सवाल उठाया।
जबकि केंद्र सरकार द्वारा ईंधन बचाने की अपील की गई है, इसके बावजूद बड़े काफिले के साथ
मंत्री के दौरे को लेकर विरोधाभास सामने आया।
वेतन भुगतान पर भी उठा मुद्दा
प्रेस वार्ता के दौरान विभिन्न विभागों में कर्मचारियों को समय पर वेतन न मिलने का मुद्दा भी उठाया गया।
इस पर मंत्री ने कहा कि वेतन में अधिकतम 4–5 दिन की देरी हो सकती है।
जबकि जमीनी स्तर पर पंचायत, स्वास्थ्य और नगर निकायों में महीनों से वेतन लंबित होने की बात सामने आ रही है।
पत्रकारों में आक्रोश
घटना के बाद जिले के पत्रकारों में आक्रोश व्याप्त है। कई पत्रकारों ने इस घटना की निंदा करते हुए कहा
कि यदि प्रेस वार्ता में सवाल पूछने की स्वतंत्रता नहीं होगी, तो ऐसे आयोजनों का बहिष्कार किया जाएगा।
सरकार की कार्रवाई पर नजर
अब सभी की नजर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पर है कि वह इस मामले में क्या कार्रवाई करते हैं।यह देखना अहम होगा कि पत्रकार के साथ हुई इस घटना पर सरकार संज्ञान लेती है या नहीं।
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