गौतमबुद्धनगर: अधिशासी अभियंता विद्युत विभाग ने स्पष्ट किया है, कि स्मार्ट मीटर से बिलिंग हुई पारदर्शी, शिकायतों का भी त्वरित समाधान
पवन सूर्यवंशी ब्यूरो चीफ़ ऑल एनसीआर

गौतमबुद्धनगर: अधिशासी अभियंता विद्युत विभाग ने स्पष्ट किया है कि स्मार्ट मीटर प्री-पेड प्रणाली लागू होने के बाद उपभोक्ताओं को मिलने वाला प्रारंभिक बिल अधिक दिखाई दे सकता है, लेकिन यह पूरी तरह वास्तविक ऊर्जा खपत पर आधारित होता है। विभाग के अनुसार, पोस्टपेड से प्री-पेड व्यवस्था में परिवर्तन के दौरान पिछले बिल और परिवर्तन तिथि के बीच की अवधि का अंतिम बिल तैयार किया जाता है, साथ ही पहले रिचार्ज की राशि भी जुड़ने से शुरुआती भुगतान ज्यादा प्रतीत होता है।विभाग ने बताया कि स्मार्ट मीटर प्रणाली से उपभोक्ताओं को अपनी बिजली खपत का पूरा विवरण मोबाइल ऐप पर आसानी से उपलब्ध हो रहा है, जिससे बिलिंग प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनी है। इसके अलावा, यदि किसी उपभोक्ता को अधिक या असामान्य बिजली बिल की शिकायत होती है तो विभाग तत्काल कार्रवाई करते हुए संबंधित परिसर में चेक मीटर लगाकर जांच करता है। रीडिंग में अंतर पाए जाने पर विभागीय नियमों के अनुसार बिल संशोधित कर उपभोक्ता की समस्या का समाधान किया जाता है।












