कमिश्नरेट गाजियाबाद में नियुक्त रिक्रूट आरक्षियों के लिए पुलिस कार्यप्रणाली के आधुनिक एवं व्यावहारिक ज्ञान हेतु विशेष प्रशिक्षण ,विभिन्न थानों पर नियुक्त 1393 रिक्रूट आरक्षियों के लिए कार्यक्रम का आयोजन

कमिश्नरेट गाजियाबाद में नियुक्त रिक्रूट आरक्षियों के लिए पुलिस कार्यप्रणाली के आधुनिक एवं व्यावहारिक ज्ञान हेतु विशेष प्रशिक्षण ,विभिन्न थानों पर नियुक्त 1393 रिक्रूट आरक्षियों के लिए कार्यक्रम का आयोजन

पवन सूर्यवंशी ब्यूरो चीफ़ ऑल एनसीआर

दिनांक 20.05.2026 को कमिश्नरेट गाजियाबाद के विभिन्न थानों पर नियुक्त 1393 रिक्रूट आरक्षियों के लिए एक दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन थाना नन्दग्राम क्षेत्रान्तर्गत क्राइस्ट यूनिवर्सिटी सभागार में किया गया। नव-नियुक्त आरक्षियों को पुलिस कार्यप्रणाली के आधुनिक, वैज्ञानिक एवं अत्यंत व्यवहारिक ज्ञान से युक्त बनाने, वर्तमान समय की जटिल चुनौतियों से निपटने योग्य बनाने तथा उन्हें एक कुशल, संवेदनशील एवं नागरिक-केंद्रित पुलिसकर्मी के रूप में तैयार करने के उद्देश्य से यह प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रीय गीत एवं राष्ट्रगान से हुई। कार्यक्रम का शुभारम्भ श्री राजकरन नैय्यर, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त, कानून-व्यवस्था यातायात द्वारा किया गया।कमिश्नरेट गाजियाबाद में नियुक्त विभिन्न पुलिस अधिकारियों द्वारा विभिन्न विषयों पर प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण के प्रमुख विषय -श्री सुरेन्द्र नाथ तिवारी, पुलिस उपायुक्त ग्रामीण द्वारा रिक्रूट आरक्षियों को संबोधित करते हुए बीट प्रणाली, बीट पुलिस अधिकारी के कर्तव्य, अपराध नियंत्रण हेतु यक्ष ऐप के प्रयोग, सीनियर सिटीजन सुरक्षा योजना एवं विभिन्न सत्यापन कार्यों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। बीट पुलिस प्रणाली, बीट क्षेत्र मे निवासरत नागरिकों से सीधा संपर्क स्थापित कर उनकी समस्याओं का त्वरित निवारण करने,अपराधियों के सत्यापन तथा अपराध नियंत्रण हेतु यक्ष ऐप का प्रयोग तथा पुलिस द्वारा किये जाने वाले अन्य सत्यापन कार्य के सम्बन्ध मे जानकारी दी गई। श्री पीयूष कुमार सिंह, अपर पुलिस उपायुक्त अपराध द्वारा रिकूट आरक्षियों को त्योहारों, मेला, जुलूस, धार्मिक यात्रा एवं अन्य सार्वजनिक कार्यक्रमों के दौरान भीड़ नियंत्रण एवं प्रबंधन की विस्तृत जानकारी दी गई। प्रशिक्षु आरक्षियों को बताया कि त्योहारों, मेलों एवं जुलूसों के दौरान भीड़ प्रबंधन सबसे महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। श्री राजकरन नैय्यर, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त कानून व्यवस्था/यातायात। द्वारा प्रशिक्षण सत्र के दौरान प्रशिक्षु आरक्षियों को संबोधित करते हुए वीवीआईपी एवं वीआईपी ड्यूटी के दौरान अपनाए जाने वाले सुरक्षा प्रोटोकॉल, जिम्मेदारियों एवं व्यवहार के बारे में विस्तार से जानकारी दी। प्रशिक्षु आरक्षियों को बताया कि वीवीआईपी एवं वीआईपी ड्यूटी अत्यंत संवेदनशील एवं उच्च स्तर की सुरक्षा वाली ड्यूटी होती है। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जा सकती। प्रशिक्ष आरक्षियों को वीआईपी मूवमेंट के दौरान स्थिर एवं मोबाइल पॉइंट्स पर ड्यूटी, संदिग्ध वाहनों/व्यक्तियों की सघन चेकिंग, भीड़ नियंत्रण तथा आपातकालीन स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया देने का प्रशिक्षण दिया गया। ड्यूटी के दौरान विनम्र व्यवहार रखने तथा नागरिकों के साथ सहयोगपूर्ण रवैया अपनाने हेतु निर्देशित किया गया 1 श्री धवल जायसवाल, पुलिस उपायुक्त नगर द्वारा प्रशिक्षण सत्र के दौरान प्रशिक्षु आरक्षियों को संबोधित करते हुए विभिन्न आंदोलनों (जैसे किसान आंदोलन, श्रमिक आंदोलन, छात्र आंदोलन आदि) एवं आकस्मिक कानून व्यवस्था ड्यूटी के दौरान अपनाए जाने वाले सुरक्षा प्रोटोकॉल, रणनीति एवं व्यवहार के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। प्रशिक्षु आरक्षियों को बताया कि किसान, श्रमिक एवं अन्य किसी भी प्रकार के आंदोलन तथा आकस्मिक कानून व्यवस्था ड्यूटी के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखना अत्यंत संवेदनशील कार्य है। शांतिपूर्ण प्रदर्शन का अधिकार सभी नागरिकों को है, लेकिन सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान, यातायात बाधित होना या हिंसा फैलने की स्थिति में त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करना है। डॉ० भूपेन्द्र हाडा एसोशिएट प्रोफेसर द्वारा रिक्रूट आरक्षियों को वित्तीय साक्षरता के महत्व, व्यक्तिगत वित्त प्रबंधन तथा वित्तीय अपराधों से बचाव के बारे में विस्तार से जानकारी दी। वित्तीय साक्षरता हर पुलिसकर्मी के लिए आवश्यक है। सही बजटिंग, बचत, निवेश और डिजिटल भुगतान की जानकारी से न केवल व्यक्तिगत आर्थिक सुरक्षा बढ़ती है । बल्कि नागरिकों को वित्तीय घोटालों से बचाने में भी मदद मिलती है। विभिन्न प्रकार के वित्तीय अपराधों जैसे साइबर फ्रॉड, ऑनलाइन लोन टैप, फर्जी निवेश स्कीम, पोंजी स्कीम, क्रेडिट कार्ड फ्रॉड आदि की पहचान, रोकथाम तथा शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया का विस्तृत प्रशिक्षण दिया गया। व्यक्तिगत स्तर पर कर्ज से बचाव, सावधानीपूर्वक बैंकिंग, बीमा, म्यूचुअल फंड एवं पोस्ट ऑफिस स्कीम्स के बारे में जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया गया ताकि प्रशिक्षु आरक्षी स्वयं वित्तीय रूप से मजबूत बनें और समाज में भी वित्तीय साक्षरता फैला सकें।श्री राजेश कुमार, अपर पुलिस उपायुक्त प्रोटोकॉल द्वारा प्रशिक्षु आरक्षियों को संबोधित करते हुए महिला संबंधित अपराधों, मिशन शक्ति केन्द्र तथा इसके कार्यों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। महिला संबंधित अपराधों (घरेलू हिंसा, दहेज उत्पीड़न, यौन उत्पीड़न, बलात्कार, POCSO, साइबर क्राइम, स्टॉकिंग आदि) की जानकारी दी गई तथा प्रत्येक शिकायत को संवेदनशीलता, गोपनीयता एवं त्वरित गत्ति से दर्ज कर तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। महिलाओं की सहायता हेतु संचालित मिशन शक्ति केन्द्र के कार्य एवं कार्यप्रणाली की जानकारी दी गई। श्री अभिषेक श्रीवास्तव, सहायक पुलिस आयुक्त इन्दिरापुरम द्वारा प्रशिक्षु आरक्षियों को संबोधित करते हुए ऑन ड्यूटी एवं ऑफ ड्यूटी के दौरान अपनाए जाने वाले व्यवहार, अनुशासन एवं आचार संहिता के बारे में विस्तार से जानकारी दी। ड्यूटी के दौरान पूर्ण अनुशासन, समय की पाबंदी, वीं की शुचिता, नागरिकों के साथ विनम्न एवं सम्मानजनक व्यवहार अनिवार्य है। ऑफ ड्यूटी के दौरान भी प्रत्येक पुलिसकर्मी गाजियाबाद पुलिस का प्रतिनिधि है।इसलिए निजी जीवन में भी अनुशासन बनाए रखना, मादक पदार्थ का सेवन न करना, किसी विवाद या अनैतिक गतिविधि में शामिल ना होने के सम्बन्ध में बताया गया। 24×7 ड्यूटी भावना का पालन करते हुए दोनों अवस्थाओं में सतर्कता, ईमानदारी, गोपनीयता बनाए रखने तथा विभागीय नियमों का पालन करने के निर्देश दिये गये। श्री अमित सक्सेना, सहायक पुलिस आयुक्त अपराध द्वारा प्रशिक्षु आरक्षियों को आवेदक एवं आगन्तुक के साथ व्यवहार तथा शिष्टाचार संचाद नीति के सम्बन्ध में विशेष जानकारी प्रदान की गई। इस अवसर पर उन्होने बताया कि पुलिस बल का प्रथम दायित्व जनता के साथ सौहार्दपूर्ण एवं संवेदनशील व्यवहार करना है। प्रत्येक आगन्तुक से शालीनता, धैर्य और सम्मानपूर्वक संवाद करने उनकी समस्याओं को ध्यानपूर्वक सुनने और समाधान की दिशा में उचित मार्गदर्शन देने तथा भाषा और आचरण में विनम्रता बनाए रखे जिससे पुलिस की छवि जनहितैषी बने। श्रीमती प्रियाश्रीपाल सहायक पुलिस आयुक्त वेवसिटी द्वारा प्रशिक्षु आरक्षियों को उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा जारी सोशल मीडिया पॉलिसी के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई।श्री सूर्यवली मौर्य, सहायक पुलिस आयुक्त कविनगर द्वारा प्रशिक्षु आरक्षियों राजस्व सम्बन्धी न शब्दावली एवं इससे सम्बन्धित विस्तृत जानकारी दी गई। श्री संतोष तिवारी, प्रभारी निरीक्षक साइबर थाना द्वारा साइबर अवेयरनेस एवं साइबर फ्रॉड्स की जानकारी दी गई। प्रशिक्षण के दौरान उन्होंने बताया कि आज के डिजिटल युग में अपराधियों द्वारा इंटरनेट, मोबाइल एप्स और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का दुरुपयोग कर आम नागरिकों को धोखा दिया जाता है। श्री संतोष तिवारी ने प्रशिक्षुओं को यह भी समझाया कि साइबर सुरक्षा के लिए मजबूत पासवर्ड का प्रयोग, टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन, संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करना और व्यक्तिगत जानकारी साझा करने से बचना अत्यंत आवश्यक है।उन्होंने यह स्पष्ट किया कि पुलिस की भूमिका केवल अपराधियों को पकड़ने तक सीमित नहीं है, बल्कि आम जनता को जागरूक करना और उन्हें समय पर सही जानकारी देना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।इसके उपरान्त श्री केशव कुमार चौधरी, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त मुख्यालय एवं अपराध ने अपने सम्बोधन में कहा कि आधुनिक पुलिस कार्यप्रणाली में तकनीकी दक्षता, व्यावहारिक ज्ञान और संवेदनशीलता का समन्वय आवश्यक है। उन्होंने प्रशिक्ष आरक्षियों को यह समझाया कि वर्तमान समय में अपराध की प्रकृति बदल रही है, जिसमें साइबर अपराध, डिजिटल साक्ष्य और तकनीकी जांच की भूमिका अत्यधिक महत्वपूर्ण हो गई है। आरक्षियों को अनुशासन, ईमानदारी और जनता के प्रति उत्तरदायित्व की भावना को सर्वोपरि रखने का निर्देश दिया। उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस बल का उद्देश्य केवल अपराधियों को पकड़ना नहीं है, बल्कि समाज में विश्वास और सुरक्षा का वातावरण बनाना भी है। इस प्रशिक्षण के माध्यम से आरक्षियों को आधुनिक उपकरणों, तकनीकी प्रक्रियाओं और व्यावहारिक अनुभव से परिचित कराया जाएगा ताकि वे भविष्य में अपनी जिम्मेदारियों को और अधिक प्रभावी ढंग से निभा सकें।(पुलिस आयुक्त महोदय जे० रविन्द्र गौड़ का मार्गदर्शन एवं सम्बोधन* श्रीमान् पुलिस आयुक्त महोदय ने रिक्रूट आरक्षियों को मार्गदर्शन करते हुए कहा कि हमारा मूल लक्ष्य समाज में शान्ति और सौहार्द बनाए रखना है। तथा अपराध मुक्त और भय मुक्त वातावरण का निर्माण करना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस महान लक्ष्य की प्राप्ति के लिए प्रत्येक पुलिसकर्मी में अनुशासन, सहानुभूति, सहनशीलता, क्षमा और संतोष जैसे गुणों का होना अनिवार्य है।पुलिस आयुक्त महोदय ने आरक्षियों को प्रेरित करते हुए कहा कि इन गुणों को आत्मसात कर ही वे जनता का विश्वास अर्जित कर सकते हैं और पुलिस बल की गरिमा को बनाए रखते हुए समाज की सुरक्षा और सेवा में उत्कृष्ट योगदान दे सकते हैं।

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