एटा मेडिकल कॉलेज में भ्रष्टाचार का बड़ा खुलासा: डॉ. अंकिता शर्मा ने सीएम से की शिकायत

एटा मेडिकल कॉलेज में भ्रष्टाचार का बड़ा खुलासा: डॉ. अंकिता शर्मा ने सीएम से की शिकायत

रिपोर्ट: काव्यांश रावत: एटा। रानी वीरांगना अवंतीबाई लोधी स्वशासी राजकीय मेडिकल कॉलेज, एटा में भारी भ्रष्टाचार और अनियमितताओं का सनसनीखेज मामला सामने आया है। यह खुलासा खुद कॉलेज की चर्चित चिकित्सक डॉ. अंकिता शर्मा ने किया है, जिन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, और स्वास्थ्य विभाग के शीर्ष अधिकारियों को पत्र लिखकर पूरे प्रकरण की शिकायत की है।

डॉ. शर्मा ने आरोप लगाया है कि—

  •  मेडिकल कॉलेज में कुछ डॉक्टर सप्ताह में सिर्फ 2-3 दिन ही आते हैं, फिर भी उन्हें पूरा वेतन दिया जा रहा है।
  •  वहीं, नियमित कार्य करने वाले डॉक्टरों को वेतन तक नहीं मिल रहा।
  •  प्राचार्य डॉ. रजनी पटेल, CMS डॉ. एस. चंद्रा, और कुछ विभागाध्यक्षों पर भेदभाव और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए गए हैं

प्रशासनिक मिलीभगत और लापरवाही

डॉ. शर्मा के अनुसार

उपस्थिति रजिस्टर में “चहेते” डॉक्टरों के फर्जी हस्ताक्षर दर्ज किए जाते हैं।

एक महिला डॉक्टर की गैरहाजिरी का वीडियो होने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई।

शिकायत करने वाले को प्रताड़ित किया जाता है।

सरकारी सामान का निजी इस्तेमाल

डेंटल विभाग के एचओडी डॉ. मोनू यादव पर आरोप है कि उन्होंने सरकारी पर्दे, एसी और अन्य सामान अपने आवास पर ले जाकर निजी उपयोग में लिया। शिकायत के बाद सामान लौटा तो दिया गया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।

बायोमेट्रिक हेरफेर और CMS की अनुपस्थिति

कुछ कर्मचारी रबर फिंगरप्रिंट से फर्जी उपस्थिति दर्ज कर रहे हैं।

CMS डॉ. सुरेश चंद्र पर मीडिया को कॉलेज से दूर रखने के आरोप लगे हैं।

कॉलेज की दीवार पर “पत्रकारों का प्रवेश वर्जित” का बोर्ड लगाया गया था, जिसे डीएम प्रेम रंजन के हस्तक्षेप के बाद हटाया गया।

सूत्रों के अनुसार CMS खुद नियमित नहीं आते, बल्कि उनके “प्रभावशाली गुर्गे” पूरा कामकाज संभालते हैं। इलाज से लेकर ऑपरेशन तक “सेटिंग” और पैसे की मांग की जाती है।

जनता के लिए गंभीर चेतावनी

डॉ. अंकिता शर्मा द्वारा उठाया गया यह मामला न सिर्फ एक डॉक्टर की आवाज है, बल्कि जनहित का गंभीर मुद्दा भी है। अब सवाल यह है कि क्या शासन-प्रशासन इस पर संज्ञान लेगा या यह मामला भी अन्य मामलों की तरह दबा दिया जाएगा?

अगर अब भी कार्रवाई नहीं हुई, तो सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं पर से आम जनता का विश्वास पूरी तरह उठ सकता है।

ये भी पढ़ें Pratapgarh: श्रावण मास के उपरांत अधिकारियों ने तीर्थ स्थलों का निरीक्षण कर, तैयारियों का लिया जायजा

और पढ़ें

Cricket Live Score

Corona Virus

Rashifal

और पढ़ें