एडीएम प्रशासन मंगलेश दुबे की अध्यक्षता में जिला सड़क सुरक्षा समिति की महत्वपूर्ण बैठक सम्पन्न
संवाददाता सायरा सूर्यवंशी एनसीआर नोएडा

यातायात नियमों के पालन हेतु व्यापक जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश,पीएम राहत योजना का जनपद में व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जाए: एडीएम गौतमबुद्धनगर, 26 जून 2026जनपद में सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने, सड़क हादसों में होने वाली मृत्यु दर को कम करने तथा यातायात नियमों के प्रति आमजन को जागरूक बनाने के उद्देश्य से अपर जिलाधिकारी प्रशासन मंगलेश दुबे की अध्यक्षता में आज कलेक्ट्रेट सभागार में जिला सड़क सुरक्षा समिति की महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई।बैठक की अध्यक्षता करते हुए अपर जिलाधिकारी प्रशासन ने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल प्रशासनिक दायित्व नहीं, बल्कि कानूनी और सामाजिक जिम्मेदारी भी है। जनपद में सड़क सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय स्थापित कर नियमित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करें, जिससे सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके।उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि अवैध स्टैंड, अवैध पार्किंग, ओवरलोडिंग, ओवरस्पीडिंग तथा यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के विरुद्ध नियमित अभियान चलाकर सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही दुर्घटना बाहुल्य क्षेत्रों (ब्लैक स्पॉट) को चिन्हित कर उनमें अल्पकालिक एवं दीर्घकालिक सुधारात्मक कार्य समयबद्ध तरीके से पूर्ण किए जाएं। अवैध कटों को बंद करने एवं सड़क सुरक्षा संकेतकों को बेहतर बनाने पर भी विशेष बल दिया गया।अपर जिलाधिकारी प्रशासन ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए केवल प्रवर्तन कार्रवाई पर्याप्त नहीं है, बल्कि लोगों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करना भी अत्यंत आवश्यक है।इसके लिए विद्यालयों, महाविद्यालयों, औद्योगिक इकाइयों एवं सार्वजनिक स्थलों पर विशेष जागरूकता अभियान चलाए जाएं, ताकि हेलमेट, सीट बेल्ट, निर्धारित गति सीमा तथा ट्रैफिक नियमों के पालन के प्रति आमजन में जागरूकता बढ़ाई जा सके। बैठक में हिट एंड रन मामलों की समीक्षा करते हुए एडीएम प्रशासन ने निर्देश दिए कि शासन द्वारा निर्धारित नियमावली के अनुसार गठित समिति के माध्यम से सभी लंबित प्रकरणों का शीघ्र परीक्षण कर रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए, ताकि पीड़ित परिवारों को समयबद्ध तरीके से आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा सके।बैठक में पीएम राहत (कैशलेस उपचार) योजना की विशेष रूप से समीक्षा की गई। अपर जिलाधिकारी प्रशासन मंगलेश दुबे ने कहा कि सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति के लिए शुरुआती “गोल्डन ऑवर” सबसे महत्वपूर्ण होता है। यदि दुर्घटना पीड़ित को समय रहते तत्काल उपचार मिल जाए तो अनेक लोगों की जान बचाई जा सकती है। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा संचालित “सड़क दुर्घटना पीड़ितों के लिए कैशलेस उपचार योजना- 2025” के अंतर्गत सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को सूचीबद्ध अस्पतालों में अधिकतम ₹1.50 लाख तक का निशुल्क कैशलेस उपचार उपलब्ध कराया जाता है। योजना का उद्देश्य दुर्घटना के बाद तत्काल उपचार सुनिश्चित कर मृत्यु दर को कम करना है। एडीएम प्रशासन ने कहा कि योजना का लाभ प्रत्येक पात्र दुर्घटना पीड़ित तक पहुंचे, इसके लिए अस्पतालों, ट्रॉमा सेंटरों, एंबुलेंस सेवाओं, पेट्रोल पंपों एवं सार्वजनिक स्थलों पर जागरूकता संबंधी होर्डिंग, पोस्टर एवं सूचना बोर्ड लगाए जाएं। साथ ही सोशल मीडिया, जनसंपर्क कार्यक्रमों एवं विशेष जागरूकता अभियानों के माध्यम से भी योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जाए, ताकि दुर्घटना की स्थिति में पीड़ितों को तत्काल राहत एवं उपचार उपलब्ध कराया जा सके। अपर जिलाधिकारी प्रशासन ने बैठक के दौरान प्राधिकरणों, पीडब्ल्यूडी एवं सड़क निर्माण एजेंसियों के अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनपद की प्रमुख सड़कों एवं यातायात प्रभावित क्षेत्रों का सर्वेक्षण करते हुए होल्डिंग एरिया चिन्हित किए जाएं, जिससे यातायात के सुचारू संचालन में सुविधा सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने कहा कि चिन्हित स्थलों का विस्तृत प्रस्ताव एवं रिपोर्ट शीघ्र उपलब्ध कराई जाए, ताकि यातायात व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित एवं सुरक्षित बनाया जा सके तथा जाम की समस्या पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सके। इस महत्वपूर्ण बैठक में सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी डॉ उदित नारायण पांडेय द्वारा एजेण्डा के आधार पर विषयों की बिन्दुवार प्रस्तुति की गयी। बैठक मे यातायात पुलिस के वरिष्ठ अधिकारीगण, अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग एवं सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक, प्राधिकरण तथा अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों द्वारा प्रतिभाग किया गया।गौतमबुद्धनगर।












