मैनपुरी जिला अस्पताल की लैब पर उठे सवाल: एक ही मरीज की तीन रिपोर्टों में अलग-अलग निकला हीमोग्लोबिन
संवादाता :पंकज मिश्रा
मैनपुरी के महाराजा तेज सिंह जिला अस्पताल की पैथोलॉजी जांच व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। कुरावली थाना क्षेत्र के दुर्गपुर निवासी संजीव सिंह यादव ने जिलाधिकारी को शिकायत देकर जिला अस्पताल की लैब पर गलत जांच रिपोर्ट देने का आरोप लगाया है। मामले में अस्पताल प्रशासन ने तकनीकी खराबी और ब्लड क्लॉटिंग की संभावना जताते हुए जांच की बात कही है।
शिकायत के अनुसार, संजीव सिंह यादव अपनी पत्नी सुमन देवी को 19 मई 2026 को उपचार के लिए महाराजा तेज सिंह जिला अस्पताल लेकर पहुंचे थे। डॉक्टर द्वारा खून की जांच लिखे जाने पर 20 मई को अस्पताल की लैब में जांच कराई गई। अगले दिन 21 मई को मिली रिपोर्ट में सुमन देवी का हीमोग्लोबिन स्तर मात्र 3.6 बताया गया। रिपोर्ट देखते ही परिवार में हड़कंप मच गया। परिजन तुरंत डॉक्टर जयजयराम के पास पहुंचे, जहां मरीज को गंभीर स्थिति बताते हुए तत्काल भर्ती कराने की सलाह दी गई।
हालांकि रिपोर्ट पर संदेह होने पर परिजनों ने उसी दिन निजी सिद्धार्थ पैथ लैब में दोबारा जांच कराई। यहां हीमोग्लोबिन स्तर 9.2 पाया गया। इसके बाद एक अन्य निजी लैब मैनपुरी पैथ लैब में कराई गई जांच में हीमोग्लोबिन 11.5 निकला। एक ही दिन में तीन अलग-अलग जांच रिपोर्टों में भारी अंतर सामने आने के बाद जिला अस्पताल की लैब व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
पीड़ित संजीव सिंह यादव का कहना है कि जिला अस्पताल की कथित लापरवाही से उनका परिवार मानसिक तनाव में आ गया। उन्होंने कहा कि सरकारी अस्पतालों पर आम जनता भरोसा करती है, लेकिन इस तरह की गलत रिपोर्ट मरीजों की जान को खतरे में डाल सकती है। उन्होंने जिलाधिकारी से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ विभागीय और कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
वहीं, इस मामले में सीएमएस डॉ. धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि हाल ही में बिजली ट्रिपिंग और ओवरलोडिंग के कारण मशीन में तकनीकी समस्या आई थी। उन्होंने यह भी कहा कि कई बार ब्लड में क्लॉटिंग होने से भी रिपोर्ट प्रभावित हो जाती है। फिलहाल पूरे मामले में लैब टेक्नीशियन से स्पष्टीकरण मांगा गया है और जांच के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।












