पट्टी में नाली-इंटरलॉकिंग घोटाले की जांच तेज, अधूरे दस्तावेजों ने बढ़ाई मुश्किलें।
संवाददाता विनय कुमार मिश्रा
प्रतापगढ़।प्रतापगढ़ (पट्टी): नगर पंचायत और ग्राम पंचायत पट्टी में कराए गए इंटरलॉकिंग व नाली निर्माण कार्य अब पूरी तरह जांच के दायरे में आ गए हैं। प्रयागराज मंडल के संयुक्त विकास आयुक्त के सख्त निर्देशों के बाद गठित त्रिस्तरीय जांच टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच प्रक्रिया तेज कर दी है।
ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के अधिशासी अभियंता के नेतृत्व में टीम ने जब अभिलेखों की जांच शुरू की, तो शुरुआती चरण में ही बड़ी लापरवाही सामने आ गई। नगर पंचायत और ग्राम पंचायत—दोनों ही कार्यदायी संस्थाएं जरूरी दस्तावेज पूरे उपलब्ध नहीं करा सकीं और अधूरे रिकॉर्ड ही पेश किए गए।जांच अधिकारी ने दोनों संस्थाओं को सख्त चेतावनी देते हुए निर्देश दिया है कि 26 मई तक हर हाल में सभी आवश्यक अभिलेख उपलब्ध कराए जाएं, अन्यथा कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद संबंधित संस्थाओं ने लिखित आश्वासन दिया है कि निर्धारित समय सीमा के भीतर सभी दस्तावेज जमा कर दिए जाएंगे।
प्रशासन ने साफ संकेत दिए हैं कि इस मामले में अब किसी तरह की ढिलाई या बहानेबाजी स्वीकार नहीं की जाएगी। जांच टीम पूरे मामले की गहराई से पड़ताल कर अपनी रिपोर्ट संबंधित विभाग को सौंपेगी।सूत्रों के मुताबिक यदि जांच में वित्तीय अनियमितता, फर्जीवाड़ा या निर्माण कार्यों में गड़बड़ी सामने आती है, तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों पर सख्त एवं उदाहरणात्मक कार्रवाई हो सकती है।अब पूरे इलाके की नजरें जांच रिपोर्ट और दस्तावेजों की पड़ताल पर टिकी हैं। लोगों के बीच चर्चा है कि इस बार प्रशासन का रुख काफी सख्त दिखाई दे रहा है और मामले को दबाना आसान नहीं होगा।
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