देवकर में सट्टा सिंडिकेट बेखौफ : बस स्टैंड से तहसील तक खुलेआम लग रही लाखों की पट्टी, पुलिस पर उठे संरक्षण के सवाल
स्थानीय नागरिकों का आरोप – जुआ पकड़ने में तुरंत पहुंचती है टीम, लेकिन सट्टा कारोबार पर नहीं होती कार्रवाई
जिला संवाददाता ताम्रध्वज साहू
देवकर नगर पंचायत में इन दिनों खुलेआम संचालित हो रहे सट्टा कारोबार को लेकर लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि बस स्टैंड परिसर, तहसील कार्यालय एवं कचरा गोदाम के सामने प्रतिदिन लाखों रुपए की सट्टा पट्टी लिखी जा रही है, लेकिन जिम्मेदार विभाग पूरे मामले से अनजान बना हुआ है। नगरवासियों का कहना है कि छोटे-मोटे जुआ मामलों में साइबर एवं पुलिस टीम तत्काल सक्रिय हो जाती है, लेकिन लंबे समय से चल रहे इस कथित सट्टा कारोबार पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। इससे लोगों के बीच पुलिस कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
“मौके पर पहुंचते हैं तो कोई नहीं मिलता” – चौकी प्रभारी
मामले को लेकर जब पत्रकारों ने देवकर चौकी प्रभारी अलील चंद से चर्चा की, तो उन्होंने कहा कि सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंचती है, लेकिन वहां कोई नहीं मिलता। उन्होंने इस पूरे मामले को “हवा-हवाई बातें” बताया। हालांकि स्थानीय नागरिक चौकी प्रभारी के इस बयान से संतुष्ट नजर नहीं आ रहे हैं। लोगों का आरोप है कि जिन स्थानों पर खुलेआम सट्टा पट्टी लिखी जा रही है, वहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोगों की आवाजाही रहती है और यह गतिविधियां आम लोगों की नजरों के सामने संचालित होती हैं। नगरवासियों का यह भी कहना है कि चौकी प्रभारी की बातों में विरोधाभास नजर आता है। स्थानीय लोगों के अनुसार, उनकी नियुक्ति के बाद से वे ना तो नियमित रूप से चौकी में दिखाई देते हैं और ना ही नगर की बस्तियों में सक्रिय नजर आते हैं। इसी मुद्दे को लेकर नगरवासी जल्द ही उच्च अधिकारियों को ज्ञापन सौंपने की तैयारी कर रहे हैं।
युवाओं पर पड़ रहा बुरा असर, कार्रवाई की मांग तेज
स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि देवकर में संचालित कथित अवैध सट्टा कारोबार की निष्पक्ष जांच कर सख्त कार्रवाई की जाए। लोगों का कहना है कि इस प्रकार के अवैध कारोबार से युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है और नगर का माहौल भी लगातार खराब होता जा रहा है। वहीं सूत्रों की मानें तो इस पूरे खेल में कई बड़े चेहरों के शामिल होने की चर्चा भी नगर में जोरों पर है, जिसका खुलासा केवल निष्पक्ष और सख्त कार्रवाई के बाद ही संभव हो पाएगा। नगरवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे उच्च अधिकारियों से शिकायत कर आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे।












