पंचायत सहायकों का विकास भवन पर प्रदर्शन, स्थायी नौकरी और मानदेय बढ़ाने की उठी मांग।
संवादाता अमन अहमद। एटा में पंचायत सहायकों ने सोमवार को अपनी विभिन्न मांगों को लेकर विकास भवन परिसर में जोरदार प्रदर्शन किया। पंचायत सहायक कर्मचारी संगठन के बैनर तले बड़ी संख्या में महिला और पुरुष पंचायत सहायक एकत्र हुए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी समस्याओं की ओर ध्यान आकर्षित किया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि ग्राम पंचायतों में डिजिटल सेवाओं के संचालन, सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन और प्रशासनिक कार्यों में उनकी भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है, लेकिन इसके बावजूद उन्हें पर्याप्त सुविधाएं और सम्मानजनक वेतन नहीं मिल रहा है
जिला अध्यक्ष अनुराग के नेतृत्व में पंचायत सहायकों ने जिला पंचायत राज अधिकारी राजकुमार मौर्य को मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में पंचायत सहायकों के स्थायीकरण, सेवा नियमावली लागू करने और मानदेय में वृद्धि की प्रमुख मांगें रखी गईं। पंचायत सहायकों का कहना है कि वर्तमान में मिलने वाला ₹6000 मासिक मानदेय बढ़ती महंगाई के दौर में परिवार का खर्च चलाने के लिए पर्याप्त नहीं है। उन्होंने इसे बढ़ाकर ₹30 हजार प्रतिमाह करने की मांग की।
इसके अलावा संगठन ने रिक्त पदों पर समायोजन नीति लागू करने, ग्राम पंचायत अधिकारी एवं सहायक विकास अधिकारी की भर्ती में 50 प्रतिशत आरक्षण देने और पंचायत सहायकों व उनके परिवारों को आयुष्मान भारत योजना से जोड़ने की मांग भी उठाई। पंचायत सहायकों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो 15 जून 2026 को लखनऊ के इको गार्डन में प्रदेश स्तरीय शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।
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