CJP पार्टी के फाउंडर अभिजीत ने दिया अल्टिमेटम, बोले – 5 दिन में शिक्षा मंत्री धमेंद्र प्रधान इस्तीफा दें,
दिल्ली जंतर मंतर में कॉकरोच जनता पार्टी का प्रदर्शन, उमड़ी भीड़
पवन सूर्यवंशी ब्यूरो चीफ़ ऑल एनसीआर



कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके (Abhijit Dipke) ने पेपर लीक मामलों को लेकर जंतर-मंतर पर 5 घंटे प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन के दौरान जंतर-मंतर (Jantar Mantar) पर कड़ी सुरक्षा के बीच आयोजित प्रदर्शन में युवाओं को संबोधित करते हुए उन्होंने शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा प्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए। अपने संबोधन में अभिजीत दीपके ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान (Dharmendra Pradhan) के इस्तीफे की मांग दोहराते हुए कहा कि शिक्षा मंत्री पांच दिन के अंदर इस्तीफा दें नहीं तो अगले शनिवार फिर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करेंगे। अभिजीत शनिवार सुबह ही अमेरिका से दिल्ली लौटे थे। वे एयरपोर्ट से सीधे जंतर-मंतर पहुंचे।Cockroach Janta Party Protest: जंतर-मंतर अभिजीत दीपके ने सरकार पर साधा निशाना, सोनम वांगचुक भी पहुंचे
जंतर-मंतर विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए दीपांकर भट्टाचार्य
सीपीआई (एमएल) के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे और आंदोलन के प्रति अपना समर्थन जताया। यह प्रदर्शन जंतर-मंतर पर आयोजित किया गया है, जहां बड़ी संख्या में छात्र और युवा अपनी मांगों को लेकर जुटे हुए हैं। भीड़ को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था पहले से ही कड़ी कर दी गई है और पुलिस लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है। दीपांकर भट्टाचार्य ने प्रदर्शन में शामिल होकर आंदोलनकारियों की मांगों का समर्थन किया और इसे लोकतांत्रिक अधिकारों के दायरे में बताया। उनके शामिल होने के बाद मंच पर राजनीतिक हलचल भी बढ़ी और प्रदर्शन को व्यापक ध्यान मिलने लगा। दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके (Abhijit Dipke) ने पेपर लीक मामलों को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। शनिवार को जंतर-मंतर (Jantar Mantar) पर कड़ी सुरक्षा के बीच आयोजित प्रदर्शन में युवाओं को संबोधित करते हुए उन्होंने शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा प्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए। अपने संबोधन में अभिजीत दीपके ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान (Dharmendra Pradhan) के इस्तीफे की मांग दोहराते हुए कहा कि यह मांग सोशल मीडिया पर पिछले 1 महीने से उठाई जा रही है, लेकिन अब तक सरकार की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। दीपके ने आरोप लगाया कि विरोध और पोस्ट्स के जवाब में उनकी ऑनलाइन गतिविधियों को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि “आप हमारी पोस्ट डिलीट कर सकते हैं, लेकिन हमें इस मंच से मिटा नहीं सकते।”
सिस्टम की गलती से सारे कॉक्रोच बाहर आ गए
स्कूली छात्र अपने माता-पिता के साथ प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे, जबकि बड़ी संख्या में प्रोफेशनल युवा भी आंदोलन में शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने नारे लगाते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराई। CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने समर्थकों से अनुशासन बनाए रखने और आंदोलन को पूरी तरह शांतिपूर्ण रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने का माध्यम है और किसी भी तरह की अव्यवस्था से बचना जरूरी है। इस बीच, जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने भी प्रदर्शन को समर्थन दिया। उन्होंने कहा कि यदि अभिजीत दीपके को गिरफ्तार किया जाता है, तो वे छह सप्ताह का उपवास करेंगे। जब भीड़ में जंतर-मंतर पर चल रहे विरोध प्रदर्शन में शनिवार को बड़ी संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया। प्रदर्शनकारियों ने विभिन्न मुद्दों को लेकर नारेबाजी की और अपनी मांगों को दोहराया। प्रदर्शन के दौरान लोगों ने आरोप लगाया कि वे “धर्म की राजनीति” का विरोध कर रहे हैं और इसे स्वीकार नहीं किया जाएगा। भीड़ में मौजूद लोगों ने कहा कि यह आंदोलन किसी भी हाल में कमजोर नहीं पड़ेगा और इसे जारी रखा जाएगा। प्रदर्शन कारियों ने शिक्षा व्यवस्था में कथित खामियों और परीक्षाओं में अनियमितताओं को लेकर भी नाराजगी जताई। उनका कहना था कि सिस्टम की गलतियों के कारण छात्रों को लगातार नुकसान उठाना पड़ रहा है। इस दौरान प्रदर्शन में शामिल लोगों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग भी दोहराई। उनका आरोप था कि जिम्मेदार मंत्री की विफलता के कारण छात्रों को गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। अभिजीत दीपके ने केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। जंतर-मंतर पर चल रहे प्रदर्शन के दौरान उन्होंने कहा कि सरकार उनकी मांगों पर ध्यान देने के बजाय संगठन की सोशल मीडिया गतिविधियों पर अधिक ध्यान दे रही है। दीपके ने कहा कि परीक्षाओं और भर्ती प्रक्रियाओं में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक मामलों को लेकर उनकी मांगें पिछले एक महीने से उठाई जा रही हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग भी दोहराई। अपने संबोधन में उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार उनकी आवाज को दबाने की कोशिश कर रही है। उनके अनुसार, “सरकार हमारी सोशल मीडिया पोस्ट हटाने और अकाउंट को प्रभावित करने जैसी गतिविधियों में लगी है, लेकिन वे हमें इस मंच से नहीं हटा सकते।” दीपके ने यह भी दावा किया कि सरकार उनके आंदोलन को कमजोर करने के प्रयास कर रही है, लेकिन छात्र और युवा अब भी उनके साथ खड़े हैं। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन लंबे समय तक चलने वाला संघर्ष है।












