तूफानी बारिश से तबाही, 200 से अधिक नावें डूबीं
गंगा-यमुना में उठी लहरों ने मचाया कोहराम, 25 साल में पहली बार ऐसा तूफान
प्रयागराज में मंगलवार रात आई तेज़ बारिश और तूफानी हवाओं ने भारी तबाही मचाई। संगम तट, झूंसी, नैनी और दारागंज इलाके में गंगा और यमुना की लहरें इतनी विकराल हो गईं कि 200 से अधिक नावें डूब गईं और कई नाविकों के लापता होने की खबर है।
नाविकों का कहना है कि पिछले 25 वर्षों में ऐसा तूफान पहली बार देखने को मिला है, जिसने नाव घाटों पर खड़ी सैकड़ों नावों को पलट दिया और कई नावें बहकर दूर तक चली गईं। मूसलाधार बारिश और तेज हवाओं के कारण घाटों पर अफरा-तफरी मच गई। कई नाविक अपनी जान बचाने के लिए नदी में कूद पड़े, वहीं कुछ अब भी लापता बताए जा रहे हैं।
दारागंज, झूंसी, संगम और नैनी जैसे क्षेत्रों में नाविकों को सबसे ज़्यादा नुकसान उठाना पड़ा है। उनके अनुसार लाखों रुपये की संपत्ति इस तूफान में बर्बाद हो गई है। कई नावें पूरी तरह टूटकर नदी में समा गईं।
प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची है और नुकसान का आंकलन किया जा रहा है। नाविकों और घाट व्यवसायियों ने सरकार से तत्काल राहत और मुआवज़े की मांग की है। वहीं, मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के लिए फिर से भारी बारिश और तेज़ हवाओं का अलर्ट जारी किया है।
स्थानीय प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अनावश्यक रूप से नदी किनारे न जाएं और सतर्कता बरतें। स्थिति पर नज़र रखी जा रही है और राहत कार्य शुरू कर दिए गए हैं।
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