एटा में उर्वरक-बीज विक्रेताओं पर प्रशासन का बड़ा शिकंजा, 10 सैंपल जांच को भेजे, गड़बड़ी पर सख्त कार्रवाई के निर्देश
संवाददाता योगेन्द्र सिंह
एटा। किसानों को गुणवत्तापूर्ण उर्वरक एवं बीज उपलब्ध कराने तथा कालाबाजारी पर रोक लगाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने उर्वरक एवं बीज विक्रेताओं के प्रतिष्ठानों पर व्यापक औचक निरीक्षण अभियान चलाया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने विभिन्न दुकानों एवं गोदामों की जांच करते हुए कुल 10 नमूने संग्रहित किए, जिनमें 3 उर्वरक तथा 7 बीज के सैंपल शामिल हैं। सभी नमूनों को गुणवत्ता परीक्षण एवं मानकों की जांच के लिए प्रयोगशाला भेज दिया गया है। अभियान के दौरान अधिकारियों ने विक्रेताओं के स्टॉक रजिस्टर, बिक्री रजिस्टर, लाइसेंस एवं मूल्य सूची की भी गहन जांच की। जांच में एक विक्रेता के यहां अनियमितताएं पाए जाने पर उसे कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। प्रशासन ने संबंधित विक्रेता से निर्धारित समयावधि में स्पष्टीकरण मांगा है। जिलाधिकारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि किसानों के हितों के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि कोई विक्रेता कालाबाजारी, ओवररेटिंग, जमाखोरी अथवा नकली उर्वरक-बीज की बिक्री में लिप्त पाया जाता है तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर लाइसेंस निरस्त करने और कानूनी कार्रवाई करने से भी पीछे नहीं हटेंगे। प्रशासन ने यह भी बताया कि जिले में किसानों की जरूरतों के अनुरूप उर्वरकों का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है और किसी प्रकार की कमी नहीं है। किसानों से अपील की गई है कि वे केवल अधिकृत विक्रेताओं से ही उर्वरक एवं बीज खरीदें तथा खरीदारी के समय रसीद अवश्य प्राप्त करें। यदि कोई विक्रेता निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत वसूलता है या किसी प्रकार की अनियमितता करता है तो उसकी सूचना तत्काल प्रशासन को दें।
जिला प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि किसानों के हितों की सुरक्षा के लिए ऐसे औचक निरीक्षण आगे भी लगातार जारी रहेंगे, ताकि कृषि क्षेत्र में पारदर्शिता बनी रहे और किसानों को समय पर गुणवत्तापूर्ण उर्वरक एवं बीज उपलब्ध हो सकें।












