बिजली दर वृद्धि पर शिवसेना का हल्ला बोल: ‘ऊर्जा सरप्लस राज्य में जनता पर महंगाई की मार क्यों?’ मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन”

बिजली दर वृद्धि पर शिवसेना का हल्ला बोल: ‘ऊर्जा सरप्लस राज्य में जनता पर महंगाई की मार क्यों?’ मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन”

मध्यम वर्ग, गरीब परिवारों, किसानों और छोटे व्यापारियों पर बढ़ते आर्थिक बोझ को लेकर शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) ने जताया कड़ा विरोध, चेतावनी— मांगें नहीं मानी गईं तो होगा प्रदेशव्यापी आंदोलन।

जिला संवाददाता ताम्रध्वज साहू बेमेतरा |

छत्तीसगढ़ में बिजली दरों में की गई बढ़ोतरी के विरोध में शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) ने मुख्यमंत्री के नाम जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपते हुए इसे जनविरोधी और आम जनता पर आर्थिक हमला बताया है। पार्टी के प्रदेश महासचिव दाऊ राम चौहान ने कहा कि महंगाई की मार झेल रही जनता पर बिजली बिलों का अतिरिक्त बोझ डालना न्यायसंगत नहीं है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ ऊर्जा उत्पादन में आत्मनिर्भर और ऊर्जा सरप्लस राज्य है, जहां बिजली का पर्याप्त उत्पादन होता है। इसके बावजूद बिजली दरों में वृद्धि से मध्यम वर्गीय परिवारों, गरीबों, किसानों और छोटे व्यापारियों की परेशानियां बढ़ गई हैं। प्रदेश प्रमुख डॉ. आनंद मल्होत्रा के निर्देशानुसार मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगाईं को सौंपे गए ज्ञापन में शिवसेना ने शासन का ध्यान निम्न बिंदुओं की ओर आकर्षित किया—

प्रमुख आपत्तियां
आम जनता पर आर्थिक बोझ : पहले से महंगाई से जूझ रहे गरीब एवं मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए बढ़े हुए बिजली बिल असहनीय साबित हो रहे हैं। किसानों पर बढ़ता संकट : कृषि प्रधान राज्य छत्तीसगढ़ में बिजली दरों की वृद्धि से खेती की लागत बढ़ेगी और किसानों की आर्थिक स्थिति और कमजोर होगी।
लघु एवं कुटीर उद्योग प्रभावित : छोटे एवं मध्यम उद्योगों पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव पड़ने से रोजगार के अवसर प्रभावित होने की आशंका है।

शिवसेना की प्रमुख मांगें

बिजली दरों में की गई वृद्धि को तत्काल प्रभाव से वापस लिया जाए। आम उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए बिजली बिल हाफ योजना एवं सब्सिडी व्यवस्था को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाया जाए।

आंदोलन की चेतावनी

प्रदेश महासचिव दाऊ राम चौहान ने कहा कि शिवसेना हमेशा से जनता के अधिकारों की लड़ाई लड़ती रही है। यदि सरकार ने इस जनविरोधी निर्णय को वापस नहीं लिया, तो पार्टी पूरे प्रदेश में लोकतांत्रिक एवं उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। ज्ञापन सौंपने के दौरान प्रदेश महासचिव दाऊ राम चौहान, जिला कार्यकारिणी अध्यक्ष रामचरण वर्मा एवं नांदघाट ब्लॉक प्रमुख बाबूलाल साहू उपस्थित रहे।
“जनभावनाओं का सम्मान करे सरकार, बिजली दर वृद्धि वापस ले” — शिवसेना

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