पीएफ और मानदेय भुगतान को लेकर ग्राम रोजगार सेवकों का प्रदर्शन, आंदोलन की चेतावनी।

पीएफ और मानदेय भुगतान को लेकर ग्राम रोजगार सेवकों का प्रदर्शन, आंदोलन की चेतावनी।

संवाददाता अमन अहमद।

एटा। जनपद के ग्राम रोजगार सेवकों ने लंबित मानदेय और भविष्य निधि (पीएफ) भुगतान की मांग को लेकर प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई है। ग्राम रोजगार सेवक संघ एवं मनरेगा स्टाफ के प्रतिनिधियों ने खंड विकास अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर अपनी विभिन्न समस्याओं के समाधान की मांग की। कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि लंबे समय से उनके आर्थिक हितों की अनदेखी की जा रही है, जिससे उन्हें भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।संघ के जिलाध्यक्ष सनूज कुमार के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया कि वर्ष 2024-25 के दौरान ग्राम रोजगार सेवकों के मानदेय से प्रत्येक माह ईपीएफ के नाम पर कटौती की गई, लेकिन संबंधित राशि कर्मचारियों के पीएफ खातों में जमा नहीं कराई गई। इससे कर्मचारियों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है और उनकी सामाजिक सुरक्षा भी प्रभावित हो रही है। कर्मचारियों ने यह भी आरोप लगाया कि वर्ष 2015 से 2020 तक की पीएफ राशि अभी तक ब्लॉक स्तर के होल्डिंग खाते में पड़ी हुई है। कई बार शिकायत और पत्राचार करने के बावजूद इस धनराशि का निस्तारण नहीं किया गया। कर्मचारियों का कहना है कि इस देरी के कारण उन्हें वर्षों से मिलने वाले ब्याज का भी नुकसान हो रहा है। इसके अलावा कई महीनों से लंबित मानदेय भुगतान का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। रोजगार सेवकों का कहना है कि समय पर वेतन न मिलने से उनके परिवारों के सामने आर्थिक संकट उत्पन्न हो गया है। ज्ञापन में मनरेगा कार्यों में ग्राम रोजगार सेवकों की भूमिका सुनिश्चित करने तथा उनके हस्ताक्षर के बिना किसी भुगतान प्रक्रिया को पूरा न करने की मांग भी की गई। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो जुलाई के दूसरे सप्ताह में विकास भवन और जिला मुख्यालय पर व्यापक धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। कर्मचारियों ने कहा कि आंदोलन की स्थिति बनने पर इसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित विभागीय अधिकारियों और प्रशासन की होगी।

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