लाखों के बैंक लोन पर प्रशासन की बड़ी कार्रवाई, एटा में दो बकायेदारों के खेत नीलाम, बाकी डिफॉल्टरों को भी चेतावनी
संवाददाता: योगेंद्र सिंह एटा। जिलाधिकारी अरविंद सिंह के निर्देश पर उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक के बकाया ऋण की वसूली के लिए जिला प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए दो बड़े बकायेदारों की कृषि भूमि की नीलामी कराई। प्रशासन की इस कार्रवाई से अन्य ऋण बकायेदारों में भी हड़कंप मच गया है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बैंक ऋण का भुगतान न करने वाले अन्य डिफॉल्टरों के विरुद्ध भी नियमानुसार कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।
तहसील प्रशासन और उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक की संयुक्त टीम ने उपजिलाधिकारी श्वेता सिंह के नेतृत्व में कार्रवाई को अंजाम दिया। इस दौरान तहसीलदार नीरज कुमार वाष्णेय, नायब तहसीलदार सतीश चंद्र तथा उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक की वसुंधरा शाखा के शाखा प्रबंधक सुनील कुमार अग्रवाल सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। कार्रवाई के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी पुलिस बल तैनात रहा।
प्रशासन ने नगला पोखर निवासी हाकिम सिंह पुत्र सरदार सिंह तथा रशीदपुर खालसा निवासी रतन सिंह पुत्र बाबूराम की कृषि भूमि की नियमानुसार सार्वजनिक नीलामी कराई। अधिकारियों ने बताया कि दोनों पर बैंक का लाखों रुपये का ऋण बकाया था और बार-बार नोटिस एवं अवसर दिए जाने के बावजूद ऋण जमा नहीं कराया गया। इसके बाद राजस्व व बैंकिंग नियमों के तहत यह कार्रवाई की गई।
उपजिलाधिकारी श्वेता सिंह ने बताया कि बैंक ऋण की वसूली के मामलों में शासन के निर्देशों का सख्ती से पालन किया जा रहा है। जिन बकायेदारों के खिलाफ वसूली की प्रक्रिया चल रही है, उन्हें समय रहते अपना बकाया जमा करने का अवसर दिया जा रहा है। यदि इसके बाद भी भुगतान नहीं किया जाता है तो उनकी संपत्तियों की कुर्की एवं नीलामी की कार्रवाई जारी रहेगी।
प्रशासन ने सभी ऋण बकायेदारों से अपील की है कि वे स्वेच्छा से अपना बकाया ऋण समय पर जमा कर दें, ताकि कठोर प्रशासनिक कार्रवाई से बचा जा सके।
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