गुप्त नवरात्रि सिद्ध शक्तिपीठ मां हरसिद्धि के मंदिर में उमड़ी भक्तों की भीड़।
संवाददाता संतोष यादव। उज्जैन।
गुप्त नवरात्रि में देवी आराधना का एक विशेष महत्व माना गया है। 51 शक्तिपीठों में माता हरसिद्धि की विशेष पूजा आराधना जारी है। सुबह शाम भव्य महा आरती हो रही है। साथ ही शाम को 25 से 30 फीट ऊंची दोनों दीप मलिकाएं प्रज्वलित की जा रही है। संपूर्ण मंदिर परिसर को विद्युत रोशनी से जगमगाया गया है। सुबह से शाम तक बड़ी संख्या में श्रद्धालु मां भगवती के दर्शन कर रहे हैं। इस विशेष गुप्त नवरात्रि में चर्चा के दौरान, पुजारी राजू गिरी गोस्वामी ने बताया। माता हरसिद्धि सम्राट विक्रमादित्य की आराध्य देवी मानी जाती रही है। महाराज उज्जैनी नगरी एवं उज्जैन की प्रजा की खुशहाली के लिए इन्हीं गुप्त नवरात्रों में मां भगवती की भव्य आराधना करते थे। इस गुप्त नवरात्रि में मां भगवती के सम्मुख किए हुए हवन का विशेष फल प्राप्त होता है। विदेशों से भी आए सैकड़ो श्रद्धालु महाराज विक्रमादित्य एवं मां भगवती की गाथा पढ़कर नवरात्रि में चल रहे इस विशेष हवन में शामिल होते हैं। हर रोज मां भगवती के प्रांगण में हलवे का प्रसाद वितरण किया जाता है।












