पत्रकार ने दिखाई सच्चाई तो दरोगा ने दिखाई हेकड़ी
स्टेट संवाददाता विष्णु रावत. लखीमपुर खीरी: योगी सरकार में “कानून का राज” होने के दावों के बीच एक हैरान करने वाली घटना सामने आई है। ओयल कस्बे के प्रसिद्ध मेढ़क मंदिर में महिला से मंगलसूत्र छीने जाने की घटना को लेकर जब एक स्थानीय पत्रकार ने सच्ची खबर दिखाई, तो वहां के चौकी इंचार्ज ने अपनी हेकड़ी दिखाते हुए पत्रकार का मोबाइल ही जब्त कर लिया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बीते दिन मेढ़क मंदिर में दर्शन करने आई एक महिला का मंगलसूत्र बाइक सवार स्नैचरों ने छीन लिया। इस घटना की सूचना मिलते ही एक स्थानीय पत्रकार मौके पर पहुंचा और घटना की रिपोर्ट तैयार कर उसे अपने मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रसारित कर दिया।
लेकिन खबर वायरल होते ही पुलिस प्रशासन बौखला गया। चौकी इंचार्ज ने ना सिर्फ पत्रकार से तीखी बहस की बल्कि उसकी मोबाइल फोन जब्त कर लिया और धमकी भरे लहजे में कहा कि “बहुत पत्रकारिता हो गई, अब इसका अंजाम भुगतो।”
घटना के बाद पत्रकार संगठनों में रोष है। उनका कहना है कि अगर अपराध की सच्चाई दिखाना ही गुनाह है, तो फिर लोकतंत्र और प्रेस की आजादी का क्या मतलब रह गया?
इस पूरे मामले ने न सिर्फ पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं, बल्कि यह भी स्पष्ट कर दिया है कि कानून के रखवाले ही जब सच दबाने लगें तो आम जनता और मीडिया किससे उम्मीद करें?
पत्रकारों ने एसपी से मिलकर चौकी इंचार्ज के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है और चेतावनी दी है कि यदि दोषी अधिकारी पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो जिला स्तर पर बड़ा विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।
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