दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच (ARSC) ने 19 साल पुराने हत्या के 17 साल से फरार हत्या के प्रयास के दो घोषित अपराधी क्राइम ब्रांच के हत्थे चढ़े, एक ने फर्जी पहचान बनाकर काटी फरारी।
पवन सूर्यवंशी ब्यूरो चीफ़ ऑल एनसीआर नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच (ARSC) ने 19 साल पुराने हत्या के प्रयास के मामले में पिछले 17 वर्षों से फरार चल रहे दो घोषित अपराधियों को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान इकबाल सिंह उर्फ पल्ला (46) और भूपेंद्र सिंह उर्फ लवली (47) के रूप में हुई है। दोनों को क्रमशः उत्तर प्रदेश के रामपुर और दिल्ली के मयूर विहार से अलग-अलग छापेमारी कर गिरफ्तार किया गया।
यह कार्रवाई एआरएससी, क्राइम ब्रांच की टीम ने इंस्पेक्टर रॉबिन त्यागी के नेतृत्व में एसीपी संजय कुमार नागपाल की निगरानी में की। टीम में एएसआई संजीव कुमार, एएसआई सचिन सिंह, एएसआई नरेंद्र शर्मा, हेड कांस्टेबल मिंटू यादव, हेड कांस्टेबल सवाई सिंह और हेड कांस्टेबल आदेश शामिल थे।
पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपी वर्ष 2007 में पटेल नगर थाना क्षेत्र में दर्ज हत्या के प्रयास के मामले में जमानत पर रिहा होने के बाद फरार हो गए थे। अदालत ने इकबाल सिंह को वर्ष 2009 और भूपेंद्र सिंह को वर्ष 2010 में घोषित अपराधी (Proclaimed Offender) घोषित कर दिया था।
जांच में सामने आया कि भूपेंद्र सिंह उर्फ लवली ने गिरफ्तारी से बचने के लिए अपनी पहचान बदलकर चंदर पाल पुत्र बाबू राम के नाम से रहना शुरू कर दिया था। वह दिल्ली के मयूर विहार इलाके में टैक्सी चालक के रूप में काम कर रहा था। वहीं इकबाल सिंह उर्फ पल्ला उत्तर प्रदेश, पंजाब और उत्तराखंड में लगातार ठिकाने बदलकर टैक्सी चलाते हुए पुलिस से बचता रहा।
क्राइम ब्रांच को हेड कांस्टेबल मिंटू यादव के माध्यम से दोनों फरार आरोपियों के संबंध में पुख्ता गुप्त सूचना मिली। इसके बाद 25 जुलाई 2026 को दिल्ली और उत्तर प्रदेश में एक साथ छापेमारी की गई, जिसमें दोनों आरोपियों को उनके ठिकानों से गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस के अनुसार, वर्ष 2007 में प्रेम विवाह को लेकर चली आ रही पारिवारिक रंजिश के चलते दोनों आरोपियों और उनके साथियों ने पटेल नगर क्षेत्र में अमरजीत सिंह पर लकड़ी के पट्टे और लोहे की पाइप से जानलेवा हमला किया था। इस मामले में थाना पटेल नगर में हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज किया गया था।
पूछताछ में दोनों आरोपियों ने स्वीकार किया कि गिरफ्तारी से बचने के लिए वे अपने ठिकाने बदलते रहे। भूपेंद्र ने पुलिस से बचने के लिए फर्जी पहचान अपनाई, जबकि इकबाल अलग-अलग राज्यों में टैक्सी चालक के रूप में काम करता रहा।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, इकबाल सिंह उर्फ पल्ला के खिलाफ ऑटो चोरी और हत्या के प्रयास सहित 15 आपराधिक मामले, जबकि भूपेंद्र सिंह उर्फ लवली के खिलाफ आर्म्स एक्ट, जुआ अधिनियम, चोरी और हत्या के प्रयास सहित 6 आपराधिक मामले दर्ज हैं।
गिरफ्तारी के बाद दोनों आरोपियों को तिहाड़ जेल भेज दिया गया है। साथ ही संबंधित थाना पुलिस को उनके खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू करने के लिए सूचना दे दी गई है।
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