दिव्यांगजनों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए प्रशासन की पहल, तीन आवेदनों को कानूनी संरक्षक की मंजूरी
जिला क्राइम रिपोर्टर: सागर गोयल, पानीपत (हरियाणा)
पानीपत। दिव्यांगजनों के अधिकारों की सुरक्षा और उनके हितों को सुनिश्चित करने की दिशा में जिला प्रशासन ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। नेशनल ट्रस्ट एक्ट के तहत नगराधीश टीनू पोसवाल की अध्यक्षता में जिला सचिवालय सभागार में स्थानीय स्तरीय समिति (लोकल लेवल कमेटी) की बैठक आयोजित की गई, जिसमें कानूनी संरक्षक (लीगल गार्जियन) प्रमाण-पत्र जारी करने से संबंधित आवेदनों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।
बैठक में नेशनल ट्रस्ट एक्ट के तहत पोर्टल पर प्राप्त सात आवेदनों की समीक्षा की गई। जांच में पाया गया कि अधिकांश आवेदकों ने आवश्यक दस्तावेज समय पर जमा कर दिए हैं। एक आवेदक ने नया आवेदन प्रस्तुत करने के कारण अपना पुराना आवेदन निरस्त करने का अनुरोध किया, जबकि एक अन्य आवेदक ने दस्तावेज जमा करने के लिए अगस्त माह तक का समय मांगा। वहीं, दो आवेदकों द्वारा बार-बार सूचना दिए जाने के बावजूद आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जाने पर समिति ने उनके आवेदन अस्वीकृत करने का निर्णय लिया।
समिति ने तीन आवेदनों को नियमानुसार स्वीकृति प्रदान की। इनमें श्रीमती जया जैन को अपनी 75 प्रतिशत बौद्धिक दिव्यांग पुत्री निधि जैन का कानूनी संरक्षक बनने, श्रीमती रीतू सिंगला एवं पंकज सिंगला को 75 प्रतिशत सेरेब्रल पालसी से ग्रसित डैजी के संयुक्त कानूनी संरक्षक बनने तथा श्रीमती मधु को अपनी 75 प्रतिशत बौद्धिक दिव्यांग पुत्री इति का कानूनी संरक्षक बनने की मंजूरी दी गई।
नगराधीश टीनू पोसवाल ने कहा कि दिव्यांगजनों के अधिकारों की रक्षा और उनके भविष्य को सुरक्षित करना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि नेशनल ट्रस्ट एक्ट के तहत कानूनी संरक्षक की व्यवस्था ऐसे परिवारों के लिए बड़ी राहत है, जिनके दिव्यांग सदस्य अपने कानूनी और वित्तीय मामलों का स्वयं संचालन करने में सक्षम नहीं हैं। प्रशासन प्रत्येक आवेदन का निस्तारण पूरी पारदर्शिता, संवेदनशीलता और नियमों के अनुरूप कर रहा है तथा पात्र लाभार्थियों को समयबद्ध तरीके से कानूनी संरक्षक प्रमाण-पत्र उपलब्ध कराना सुनिश्चित करेगा।
बैठक में जिला कल्याण अधिकारी जयपान हुड्डा, जिला रोजगार अधिकारी रितु चहल, अधीक्षक विनोद कौशिक, पूर्व सरपंच सत्यवान झंडा, प्राण रत्नाकर, सतप्रकाश वैध सहित समिति के सदस्य एवं अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
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