बारिश ने खोली विकास की पोल, कीचड़ और जलभराव से ग्रामीण बेहाल
संवाददाता योगेंद्र सिंह एटा। निधौली कलां ब्लॉक क्षेत्र के नगला बरी गांव में बारिश के बाद बदहाल रास्तों और जलभराव की समस्या ने ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। गांव की सड़कों पर जगह-जगह पानी और कीचड़ जमा होने से आवागमन पूरी तरह प्रभावित हो गया है। हालात यह हैं कि ग्रामीणों के साथ-साथ स्कूली बच्चों को भी इसी कीचड़ भरे रास्ते से होकर गुजरना पड़ रहा है।
बारिश के बाद गांव के कई रास्ते तालाबनुमा नजर आने लगे हैं। सड़क पर पानी जमा होने के साथ कीचड़ की मोटी परत बन गई है, जिससे पैदल निकलना भी ग्रामीणों के लिए किसी चुनौती से कम नहीं है। दोपहिया वाहन चालकों को भी इन रास्तों पर फिसलने का खतरा बना रहता है। सबसे अधिक परेशानी स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को उठानी पड़ रही है।

लंबे समय से बनी हुई है समस्या
ग्रामीणों का कहना है कि गांव में सड़क और जलनिकासी की समस्या लंबे समय से बनी हुई है। बारिश के पानी की समुचित निकासी की व्यवस्था नहीं होने के कारण पानी रास्तों पर ही जमा हो जाता है। हर साल बारिश के मौसम में ग्रामीणों को इसी परेशानी से जूझना पड़ता है, लेकिन अब तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका है।
ग्रामीणों ने बताया कि कई बार जिम्मेदार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को समस्या से अवगत कराया जा चुका है, लेकिन इसके बावजूद गांव के रास्तों की स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ। ग्रामीणों का आरोप है कि विकास कार्यों के दावों के बावजूद जमीनी स्तर पर स्थिति बेहद खराब है।
बच्चों के लिए भी बना परेशानी का सबब
गांव के स्कूली बच्चों को प्रतिदिन इसी रास्ते से होकर स्कूल जाना पड़ता है। कीचड़ और जलभराव के कारण बच्चों के कपड़े गंदे होने के साथ ही उनके फिसलकर गिरने का खतरा भी बना रहता है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द ही रास्तों की मरम्मत और जलनिकासी की व्यवस्था नहीं की गई तो समस्या और गंभीर हो सकती है।
एक ओर सरकार गांव-गांव विकास पहुंचाने और ग्रामीण क्षेत्रों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के दावे कर रही है, वहीं नगला बरी गांव की बदहाल तस्वीर इन दावों की जमीनी हकीकत पर सवाल खड़े कर रही है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि गांव के जलभराव वाले रास्तों का जल्द निरीक्षण कराकर पानी की निकासी की स्थायी व्यवस्था कराई जाए और क्षतिग्रस्त रास्तों की मरम्मत कराई जाए, ताकि उन्हें इस परेशानी से निजात मिल सके।
अब देखना यह है कि जिम्मेदार अधिकारी ग्रामीणों की समस्या का कब तक संज्ञान लेते हैं और नगला बरी के लोगों को कीचड़ व जलभराव से कब तक राहत मिलती है।
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