सफलता की कहानी,कुक्कुट नीति-2022 से बदली राह, गजेंद्र सिंह ने खड़ा किया 3 लाख से अधिक लेयर मुर्गियों का सफल पोल्ट्री फार्म
पवन सूर्यवंशी ब्यूरो चीफ़ ऑल एनसीआर





दिनांक:18 अगस्त 2026 गाजियाबाद। विकासखंड मुरादनगर अंतर्गत ग्राम जलालपुर निवासी श्री गजेंद्र सिंह, संचालक नेशनल पोल्ट्री फार्म, ने पोल्ट्री व्यवसाय के क्षेत्र में निरंतर मेहनत, लगन और आधुनिक तकनीक के माध्यम से सफलता की उल्लेखनीय मिसाल कायम की है। श्री गजेंद्र सिंह वर्ष 2017 से संगठित रूप से लेयर फार्मिंग का संचालन कर रहे हैं।उन्होंने वर्ष 2017 में 90,000 लेयर क्षमता वाले फार्म की स्थापना की। इससे पूर्व उन्होंने सीमित संख्या में मुर्गियों के साथ पोल्ट्री व्यवसाय की शुरुआत की थी। निरंतर परिश्रम और अनुभव के बल पर आज उनके फार्म में 3 लाख से अधिक अंडा देने वाली लेयर मुर्गियां हैं तथा वे सफलतापूर्वक पोल्ट्री फार्म का संचालन कर रहे हैं।
उनकी सफलता और कार्य के प्रति समर्पण को देखते हुए सरकार द्वारा कुक्कुट नीति-2022 के अंतर्गत उनके लिए 90,000 लेयर क्षमता के नए फार्म की परियोजना स्वीकृत की गई है। वर्तमान में इसका निर्माण कार्य प्रगति पर है और शीघ्र ही इस परियोजना के पूर्ण होने के बाद जनपद में एक और बड़े एवं आधुनिक पोल्ट्री फार्म का संचालन उनके द्वारा किया जाएगा।
कुक्कुट नीति-2022 से स्वरोजगार और उद्यमिता को बढ़ावा कुक्कुट नीति के अंतर्गत इच्छुक व्यक्ति अपनी क्षमता और संसाधनों के अनुसार 10 हजार, 20 हजार, 30 हजार, 40हजार, 50हजार, 60हजार, 70हजार, 80 हजार, 90 हजार या इससे अधिक लेयर क्षमता का लेयर फार्म स्थापित कर सकता है तथा पात्रता के अनुसार सरकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त कर सकता है।
योजना के अंतर्गत परियोजना लागत में 30 प्रतिशत मार्जिन मनी लाभार्थी द्वारा तथा 70 प्रतिशत ऋण के माध्यम से परियोजना को वित्तपोषित करने की व्यवस्था बताई गई है। साथ ही पात्र लाभार्थियों को निर्धारित शर्तों के अनुसार ब्याज में 5 वर्ष तक 7 प्रतिशत की छूट, विद्युत बिलों में छूट तथा भूमि को किराये/लीज पर लेने की स्थिति में देय स्टाम्प ड्यूटी में छूट जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाती हैं।
श्री गजेंद्र सिंह की सफलता यह दर्शाती है कि योजनाओं का सही उपयोग, मेहनत, तकनीकी जानकारी और बेहतर प्रबंधन अपनाकर पोल्ट्री व्यवसाय को एक लाभकारी एवं बड़े स्तर के रोजगारपरक उद्यम के रूप में विकसित किया जा सकता है। पशुपालन विभाग द्वारा जनपद के युवाओं, किसानों एवं इच्छुक उद्यमियों से अपील की गई है
कि वे कुक्कुट नीति का लाभ उठाकर लेयर फार्म स्थापित करें और स्वरोजगार के साथ-साथ अन्य लोगों के लिए भी रोजगार के अवसर सृजित करें। श्री गजेंद्र सिंह जैसे सफल लाभार्थियों की उपलब्धियां अन्य इच्छुक उद्यमियों के लिए प्रेरणास्रोत हैं।












