गंगा का कहर: वाराणसी के निचले इलाकों में बाढ़ से हाहाकार

गंगा का कहर: वाराणसी के निचले इलाकों में बाढ़ से हाहाकार

स्टेट संवाददाता विष्णु रावत 

एनडीआरएफ और सामाजिक संगठनों की मदद बनी सहारा

वाराणसी। गंगा नदी के जलस्तर में लगातार वृद्धि के चलते वाराणसी के नक्की घाट, कोनिया, शास्त्री ब्रिज और डोमरी जैसे निचले इलाकों में बाढ़ ने तबाही मचा दी है। इन क्षेत्रों में जलभराव के कारण जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। यातायात, बिजली आपूर्ति, पेयजल व्यवस्था और अन्य बुनियादी सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हुई हैं, जिससे हजारों लोगों को गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।

इस आपदा की घड़ी में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की 11वीं वाहिनी, वाराणसी, पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ राहत और बचाव कार्यों में जुटी हुई है। उप महानिरीक्षक मनोज कुमार शर्मा के नेतृत्व में एनडीआरएफ की टीमें लगातार बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत कार्यों में लगी हैं।

एनडीआरएफ ने स्थानीय प्रशासन, जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और अन्य संबद्ध एजेंसियों के सहयोग से तेज़ी से राहत अभियान शुरू किया है। प्रभावित परिवारों को खाद्य सामग्री, पीने का पानी और अन्य आवश्यक वस्तुएं वितरित की जा रही हैं। राहत कार्यों में सामाजिक संगठनों का भी सराहनीय योगदान सामने आया है।

रोटरी क्लब वाराणसी रॉयल्स और सेंट जॉन्स महरौली एलुमनाई एसोसिएशन ने बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए आगे आकर न सिर्फ राहत सामग्री उपलब्ध कराई, बल्कि क्लब अध्यक्ष रोटेरियन वरुण मुद्रा और रोटेरियन पुष्प अग्रवाल ने स्वयं राहत वितरण में हिस्सा लेकर समाज सेवा का अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया।

उप महानिरीक्षक मनोज कुमार शर्मा ने बताया, “एनडीआरएफ का प्रमुख उद्देश्य आपदा की स्थिति में प्रभावित नागरिकों को त्वरित राहत और सुरक्षा प्रदान करना है। हमारी टीमें पूरी तरह से सतर्क हैं और स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त संसाधन भी तुरंत तैनात किए जाएंगे।”

यह राहत अभियान बाढ़ पीड़ितों के लिए एक उम्मीद की किरण बनकर उभरा है। एनडीआरएफ की तत्परता और सामाजिक संगठनों का सहयोग मिलकर इस कठिन समय में प्रभावित लोगों को नया संबल प्रदान कर रहा है।

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