सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत पराली प्रबंधन हेतु कस्टम हायरिंग सेंटर एवं फार्म मशीनरी बैंक संचालकों की समीक्षा बैठक एवं शपथ ग्रहण कार्यक्रम आयोजित
समवाददाता सायरा सूर्यवंशी एनसीआर नोएडा
जनपद में संचालित 50 फार्म मशीनरी बैंक एवं कस्टम हायरिंग सेंटर के लाभार्थी कृषकों को दिए गए आवश्यक दिशा-निर्देश
गाजियाबाद, 19 सितम्बर 2026।
सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत कृषि विभाग की कार्यक्रम श्रृंखला में उप कृषि निदेशक द्वारा जनपद में संचालित/स्थापित कस्टम हायरिंग सेंटर (CHC) एवं फार्म मशीनरी बैंक (FMB) के लाभार्थी कृषकों के कार्यों की समीक्षा की गई। इस दौरान फसल अवशेष प्रबंधन एवं पराली जलाने की घटनाओं की रोकथाम के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए तथा उपस्थित कृषकों को पराली न जलाने की शपथ दिलाई गई।
जनपद में 50 फार्म मशीनरी बैंक एवं कस्टम हायरिंग सेंटर संचालित हैं, जिन्हें विगत वर्षों में कृषि विभाग द्वारा अनुदान पर सीड ड्रिल, एमबी प्लाऊ, ट्रैक्टर, बेलर, कम्बाइन थ्रेशर, रोटावेटर, हैरो आदि कृषि यंत्र उपलब्ध कराए गए हैं। इन केंद्रों के संचालकों द्वारा उक्त कृषि यंत्रों को अन्य कृषकों को आपसी सहमति से निर्धारित किराया धनराशि पर बुवाई, कटाई, मड़ाई एवं अन्य कृषि कार्यों के लिए उपलब्ध कराया जाता है।
कृषि यंत्रों की उपलब्धता से कृषकों को कम समय में गुणवत्तापूर्ण कृषि कार्य करने में सुविधा मिलती है तथा श्रम एवं कृषि लागत में कमी आती है। साथ ही, आधुनिक कृषि यंत्रों के उपयोग से फसल उत्पादन की गुणवत्ता में सुधार एवं कृषकों की आय में वृद्धि में भी सहायता मिलती है।
पराली प्रबंधन के दृष्टिगत इन कृषि यंत्रों का उपयोग विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। बेलर, सुपर सीडर, हैप्पी सीडर, स्ट्रॉ रीपर आदि यंत्रों के माध्यम से फसल अवशेषों का उचित प्रबंधन किया जा सकता है। इससे पराली जलाने की आवश्यकता नहीं पड़ती, जिससे वायु प्रदूषण में कमी के साथ-साथ मृदा एवं पर्यावरण संरक्षण में भी सहायता मिलती है।
बैठक में कृषकों को निर्देशित किया गया कि खरीफ फसल अवशेषों का समुचित प्रबंधन सुनिश्चित करें तथा किसी भी दशा में पराली न जलाएं। साथ ही अन्य कृषकों को भी पराली न जलाने के लिए प्रेरित करने का आह्वान किया गया।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित कृषकों द्वारा पराली न जलाने एवं अन्य कृषकों को भी पराली जलाने से रोकने की शपथ ग्रहण कराई गई












