प्रयाग पब्लिक स्कूल में अंतरविद्यालयीय प्रतियोगिताओं का आयोजन, विद्यार्थियों ने दिखाई प्रतिभा
हंडिया, प्रयागराज। प्रयाग पब्लिक स्कूल, चकमदा में दो दिवसीय अंतरविद्यालयीय भाषण, वाद-विवाद एवं प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिताओं का आयोजन उत्साहपूर्वक किया गया। 24 अक्टूबर को भाषण एवं वाद-विवाद प्रतियोगिताएं आयोजित हुईं, जबकि 27 अक्टूबर को प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता संपन्न हुई। प्रतियोगिताओं में विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थियों ने प्रतिभाग कर अपनी प्रतिभा, तार्किक क्षमता और ज्ञान का प्रदर्शन किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के निदेशक संजय श्रीवास्तव ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इसके बाद मां सरस्वती की वंदना प्रस्तुत की गई। प्रतियोगिताओं में निर्णायक की भूमिका सेमस्टार ग्लोबल स्कूल, नैनी की सह निदेशक श्रीमती सिंथिया डी क्रूज तथा चाणक्य इंटरनेशनल स्कूल के प्रधानाचार्य श्री एंटोनियो कुमार ने निभाई।
प्रतियोगिताओं में प्रयाग पब्लिक स्कूल, चकमदा एवं फूलपुर, नव प्रयाग पब्लिक स्कूल, हंडिया, मनवासा विद्या पब्लिक स्कूल, रेड ईगल पब्लिक स्कूल, सेंट थॉमस पब्लिक स्कूल तथा सेंट मैरीज कॉन्वेंट स्कूल, घूरपुर के विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। भाषण प्रतियोगिता में कक्षा 6 से 8 तक के विद्यार्थियों ने विभिन्न विषयों पर अपने विचार प्रस्तुत किए। वहीं, कक्षा 11 एवं 12 के विद्यार्थियों ने वाद-विवाद प्रतियोगिता में तार्किक एवं तथ्यपरक तर्कों के माध्यम से अपनी अभिव्यक्ति क्षमता का परिचय दिया। प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में कक्षा 9 एवं 10 के विद्यार्थियों ने सामान्य ज्ञान और विषयगत जानकारी के आधार पर अपनी बौद्धिक क्षमता का प्रदर्शन किया।
प्रयाग स्कूल चकमदा ने हासिल किया प्रथम स्थान
प्रतियोगिताओं में प्रयाग स्कूल, चकमदा ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि सेंट थॉमस स्कूल, हंडिया द्वितीय स्थान पर रहा। अतिथि श्रीमती सिंथिया डी क्रूज ने विद्यार्थियों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार की प्रतियोगिताएं बच्चों में आत्मविश्वास, तार्किक चिंतन, निर्णय क्षमता और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित करती हैं।
वहीं, श्री एंटोनियो कुमार ने आत्मनिर्भर भारत, आपदा प्रबंधन एवं जलवायु परिवर्तन जैसे विषयों पर अपने विचार साझा किए और विद्यार्थियों को समसामयिक मुद्दों के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया।
विद्यालय के निदेशक संजय श्रीवास्तव ने बताया कि इस प्रतियोगिता का आयोजन उनके पिता स्वर्गीय सुभाष चन्द्र श्रीवास्तव की स्मृति में प्रतिवर्ष किया जाता है। प्रतियोगिता के विजेताओं को नकद पुरस्कार देकर प्रोत्साहित किया जाता है।


विद्यालय की प्रधानाचार्या श्रीमती मधु शर्मा ने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल किताबी ज्ञान देना नहीं, बल्कि बच्चों में आत्मविश्वास, रचनात्मकता, तार्किक क्षमता और नेतृत्व कौशल का विकास करना भी है।
कार्यक्रम को सफल बनाने में विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं का महत्वपूर्ण योगदान रहा। अंत में अतिथियों, प्रतिभागियों एवं उपस्थित शिक्षकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कार्यक्रम का समापन किया गया।
तहसील संवाददाता विमल मिश्रा | प्रयागराज











