अर्नव चक्रवाती तूफान का कहर: बर्बाद हुई किसानों की फसलें, सरकार से मुआवजे की पुरजोर मांग
लखनऊ/गाजीपुर:अर्नव चक्रवाती तूफान के कारण उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में हुई बेमौसम मूसलाधार बारिश और तेज हवाओं ने अन्नदाताओं की कमर तोड़ दी है। इस प्राकृतिक आपदा के चलते खेतों में पककर तैयार खड़ी धान की फसल सहित अन्य कृषि उत्पादों को भारी क्षति पहुँची है। दिन-रात एक कर खून-पसीना बहाने वाले किसान अपनी लहलहाती फसलों को मिनटों में बर्बाद होते देख गहरे सदमे और लाचारी में हैं।
किसानों के समक्ष आजीविका का गंभीर संकट
फसलों के इस भारी नुकसान से किसानों की आर्थिक स्थिति बेहद दयनीय हो गई है। धान के अलावा गन्ना, बाजरा, चना, आलू और सरसों जैसी प्रमुख फसलें तबाह होने से किसानों के सामने अपने परिवार के भरण-पोषण और बच्चों की आजीविका का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। हालात यह हैं कि सालभर की मेहनत का फल छिन जाने के बाद किसान अब आंसू बहाने को मजबूर हैं।
सपा नेत्री पुनीता सिंह खुशबू ने की मुआवजे की मांग
इस गंभीर स्थिति को संज्ञान में लेते हुए समाजवादी पार्टी महिला सभा की राष्ट्रीय महासचिव पुनीता सिंह खुशबू ने भाजपा सरकार के समक्ष किसानों की सुध लेने की पुरजोर मांग उठाई है। उन्होंने कहा कि कुदरत की इस दोहरी मार ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि बिना किसी देरी के प्रभावित क्षेत्रों में फसलों का सर्वे कराया जाए और पीड़ित किसानों को उचित आर्थिक सहायता प्रदान की जाए।
शासन-प्रशासन से निष्पक्ष आकलन की गुहार
गाजीपुर के ग्राम बाघी निवासी सपा नेता एवं किसान सूरज राम ने भी अपनी बर्बाद हुई फसल का दर्द साझा करते हुए शासन और प्रशासन से त्वरित राहत की गुहार लगाई है। किसानों और जनप्रतिनिधियों ने मांग की है कि प्रशासन जल्द से जल्द नुकसान का निष्पक्ष आकलन कर राहत राशि सीधे किसानों के खातों में पहुँचाए, ताकि वे इस विकट परिस्थिति से उबर सकें।











