जिलाधिकारी सख्त: गिरोहबंदी कर सरकारी जमीन हड़पने वालों पर टूटेगा डंडा

जिलाधिकारी सख्त: गिरोहबंदी कर सरकारी जमीन हड़पने वालों पर टूटेगा डंडा

संवाददाता योगेंद्र सिंह एटा। जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने साफ कर दिया है कि सरकारी जमीन पर कब्जा करने वाले भू-माफिया किसी कीमत पर बख्शे नहीं जाएंगे। सरसैया घाट स्थित नवीन सभागार में आयोजित एंटी भू-माफिया टास्क फोर्स की बैठक में उन्होंने अफसरों को कड़े निर्देश दिए।

भू-माफियाओं की होगी पहचान

बैठक में डीएम ने कहा कि जनपद में ऐसे सभी व्यक्तियों और गिरोहों को चिन्हित किया जाए, जो संगठित होकर सरकारी जमीन पर कब्जा कर खरीद-फरोख्त का धंधा चला रहे हैं। इन पर कठोर और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी, ताकि भविष्य में कोई भी इस तरह के अवैध कारोबार में शामिल होने की हिम्मत न कर सके।

दबंगों की सूची बनेगी

डीएम ने निर्देश दिया कि जिन शासकीय संपत्तियों पर दबंगों ने कब्जा या अतिक्रमण कर रखा है, उनकी सूची तैयार कराई जाए। उन्होंने साफ कहा कि ऐसे लोगों को भी चिन्हित किया जाए जिनकी प्रवृत्ति ही सरकारी और निजी संपत्तियों पर कब्जा करना है।

हर महीने होगी समीक्षा

जिलाधिकारी ने यह भी तय किया कि जिला स्तरीय एंटी भू-माफिया बैठक हर माह के दूसरे बुधवार को आयोजित होगी। इनमें ऑपरेशन महाकाल के तहत की गई कार्रवाइयों की समीक्षा भी की जाएगी। वहीं सभी तहसीलों में नियमित रूप से तहसील स्तरीय बैठकें होंगी।

शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई

डीएम ने निर्देश दिया कि थानों और तहसीलों से आने वाली शिकायतों को नजरअंदाज न किया जाए। यदि किसी मामले में संगठित रूप से सरकारी जमीन पर कब्जा किया गया है तो एडीएम (वित्त एवं राजस्व) उसकी समीक्षा कर जिला स्तरीय बैठक में प्रस्तुत करें।

नगर निकाय भी जिम्मेदार

नगर पालिकाओं और नगर निकायों के अधिशासी अधिकारियों को आदेश दिया गया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में सरकारी भूमि पर कब्जा करने वालों की सूची बनाकर समय से एडीएम (वित्त एवं राजस्व) को सौंपें।

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