एटा मेडिकल कॉलेज में मरीजों की अनदेखी, ओपीडी का कमरा बंद कर बैठे डॉक्टर
स्टेट संवाददाता विष्णु रावत एटा। वीरांगना अवंतीबाई मेडिकल कॉलेज एटा में मरीजों को इलाज के लिए भटकना पड़ रहा है। सोमवार को नाक, कान, गला विभाग (ईएनटी) के डॉक्टर ने ओपीडी के समय कमरे का दरवाजा बंद कर अंदर बैठना मुनासिब समझा, जबकि बराबर के कमरे में अन्य डॉक्टर मरीजों को देख रहे थे। इससे इलाज के लिए आए मरीज बिना दिखाए ही मायूस होकर वापस लौट गए।
गौरतलब है कि दो दिन पूर्व ही इसी मेडिकल कॉलेज में एक डॉक्टर के अभद्र व्यवहार का मामला सामने आया था, जिसके बाद कॉलेज प्रशासन की जमकर आलोचना हुई थी। इस घटना को लेकर प्राचार्य डॉ. वलवीर सिंह ने संबंधित डॉक्टर कुनाल त्यागी पर कार्रवाई की बात कही थी और जांच समिति गठित कर जांच के आदेश दिए थे।
इसके बावजूद सोमवार को ओपीडी में फिर लापरवाही देखने को मिली। मरीजों का कहना है कि डॉक्टरों का रवैया बेहद लापरवाह है। शिकायत करने के बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही है।
सूत्रों के अनुसार, कुछ डॉक्टर खुलेआम कह रहे हैं कि “खूब शिकायत करो, हम ऐसे ही मरीज नहीं देखेंगे।” यह रवैया न केवल मेडिकल कॉलेज की छवि को धूमिल कर रहा है, बल्कि गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों की जिंदगी से खिलवाड़ भी है।
लोगों का कहना है कि प्राचार्य डॉ. वलवीर सिंह की कार्यशैली का कोई असर डॉक्टरों पर नहीं दिख रहा है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या ठोस कदम उठाता है।
ये भी पढ़ें बिहार: स्वास्थ्य शिविर में चिकित्सा नदारद, केवल खानापूर्ति तक सीमित कार्यक्रम












