नाजुक हालत में भर्ती सिविल बार संगठन कुंडा के अधिवक्ता सदस्य उमेश चंद्र मिश्रा (मामा जी) के इलाज हेतु अधिवक्ताओं ने बढ़ाया मदद का हाथ
अमित तिवारी राष्ट्रीय संवाददाता कुंडा। सिविल बार संगठन कुंडा के अधिवक्ता सदस्य उमेश चंद्र मिश्रा (मामा जी) की नाजुक हालत को देखते हुए संगठन के अधिवक्ताओं ने सराहनीय पहल की है। मिश्रा जी गंभीर बीमारी से ग्रसित होकर अस्पताल में भर्ती हैं, जहाँ डॉक्टरों ने उनकी स्थिति को चिंताजनक बताया है।
जैसे ही उनकी बीमारी की जानकारी अधिवक्ताओं तक पहुँची, सभी ने संगठनात्मक भावनाओं और मानवीय संवेदनाओं का परिचय देते हुए आगे आकर सहयोग राशि एकत्रित की। हर अधिवक्ता ने अपनी-अपनी क्षमता के अनुसार आर्थिक सहायता प्रदान की, ताकि मिश्रा जी के इलाज में कोई कमी न रह जाए।
अधिवक्ताओं का कहना है कि संगठन केवल एक पेशेवर मंच नहीं, बल्कि परिवार है, और जब परिवार का कोई सदस्य कठिनाई में होता है तो सभी का कर्तव्य है कि वह एक-दूसरे के साथ खड़े रहें। यह कदम अधिवक्ताओं की एकजुटता, भाईचारे और आपसी सहयोग की मिसाल है।
मिश्रा जी अपने व्यवहार, मिलनसार स्वभाव और संगठन के प्रति समर्पण के कारण अधिवक्ताओं के बीच एक विशेष स्थान रखते हैं। आज जब वह अस्पताल के बिस्तर पर गंभीर हालत में हैं, तो पूरे अधिवक्ता समाज के साथ-साथ क्षेत्रीय लोग और शुभचिंतक भी उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की प्रार्थना कर रहे हैं।
सिविल बार संगठन कुंडा की यह मानवीय पहल समाज को यह संदेश देती है कि कठिन परिस्थितियों में आपसी सहयोग और संवेदनशीलता ही सबसे बड़ा सहारा होती है। सभी अधिवक्ताओं और शुभचिंतकों की यही कामना है कि उमेश चंद्र मिश्रा (मामा जी) शीघ्र स्वस्थ होकर पुनः अपने साथियों के बीच लौटें।
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