श्रीमद् भागवत कथा के तीसरे दिन पूज्य व्यास जी बोले — माता-पिता की सेवा ही सर्वोच्च धर्म
रिपोर्ट: महेश शुक्ला: आलापुर क्षेत्र के शीतल पांडे का पुरवा गांव में चल रही दिव्य श्रीमद् भागवत कथा के तीसरे दिन कथा व्यास पूज्य आनंद आश्रम जी महाराज ने कहा कि माता-पिता की सेवा ही सच्चा धर्म और कर्म है। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति अपने माता-पिता की सेवा करता है, वही वास्तव में भगवान की आराधना करता है।
कथा स्थल पर प्रतिदिन भक्तों का भारी जनसैलाब उमड़ रहा है। कथा श्रवण के दौरान पूरा वातावरण भक्ति रस में सराबोर दिखाई दिया। पूज्य महाराज ने कथा के माध्यम से लोगों को धर्म, करुणा और सेवा के मार्ग पर चलने का संदेश दिया।
मुख्य जजमान जनार्दन प्रसाद तिवारी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि “श्रीमद् भागवत कथा प्रत्येक व्यक्ति को जीवन में अवश्य करानी चाहिए। इससे पितरों का कल्याण होता है और मानव जीवन का उद्धार संभव है।” उन्होंने कहा कि यह कलयुग की सबसे कल्याणकारी कथा है।
जानकारी के अनुसार यह पावन कथा 21 अक्टूबर से 29 अक्टूबर 2025 तक चलेगी। कथा का समय प्रतिदिन दोपहर 2 बजे से शाम 6 बजे तक निर्धारित किया गया है। दूर-दराज़ क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु कथा श्रवण के लिए पहुंच रहे हैं।
कार्यक्रम में सक्रिय सहयोग
कार्यक्रम के संचालन और व्यवस्था में संजय तिवारी, मनोज तिवारी, अशोक तिवारी, संदीप तिवारी, प्रदीप तिवारी, प्रकाश तिवारी, सचिन तिवारी, सौरभ तिवारी, गौरव कृष्ण जी महाराज, शिवा तिवारी, अनुभव तिवारी, सुमित तिवारी, हर्ष तिवारी, स्वास्तिक तिवारी, शाश्वत तिवारी, ओम तिवारी, युवराज तिवारी सहित समस्त तिवारी परिवार का विशेष योगदान रहा।
कार्यक्रम के संयोजक बृजेश तिवारी एवं विमलेश तिवारी हैं, जो पूरे आयोजन की देखरेख कर रहे हैं।












