औद्योगिक कचरे से चक्की गांव में मंडराया खतरा
गांव के किनारे फेंका जाता है फैक्ट्रियों का जहरीला मलवा
बंद घरों में भी बदबू से परेशान हैं लोग
संवाददाता बृजेन्द्र मौर्य
फतेहपुर । सौरा औद्योगिक क्षेत्र की फैक्ट्रियों से निकलने वाला रासायनिक कचरा अब चक्की गांव और आसपास के इलाकों के लिए खतरनाक साबित हो रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि फैक्ट्रियो के संचालक रात के अंधेरे में ट्रकों से जहरीला मलवा गांव के किनारे फेंक देते हैं और कभी-कभी इसे खुले में जला भी दिया जाता है। ग्रामीण दिनेश, राम प्रताप, अंशु सिंह और अंकित राज ने बताया कि बदबू इतनी तेज रहती है कि खिड़कियां बंद रखने पर भी अंदर जीना मुश्किल है। सांस लेने में तकलीफ, आंखों में जलन और चक्कर आने जैसी समस्याएं आम हो गई हैं। खेतों की मिट्टी और नल का पानी भी प्रदूषित हो चुका है। समाजसेवी संस्था युवा विकास समिति ने इस मामले को गंभीरता से लिया है। अध्यक्ष ज्ञानेंद्र मिश्रा ने जिलाधिकारी के माध्यम से केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और वन एवं पर्यावरण मंत्रालय को पत्र भेजकर सख्त जांच और कार्रवाई की मांग की है। ज्ञानेंद्र मिश्रा का कहना है कि फैक्ट्रियों का यह कचरा पर्यावरण और ग्रामीणों के जीवन के लिए खतरा बन गया है। यदि जल्द रोकथाम नहीं हुई, तो हालात भयावह होंगे। इस बाबत बिंदकी की उपजिलाधिकारी प्रियंका अग्रवाल ने कहा कि पूरे मामले की जांच कराकर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
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