श्रीमद्भागवत कथा के तृतीय दिवस ज्ञान-भक्ति की सरिता में डूबे श्रद्धालु,उमड़ी भक्तों की अपार भीड़

श्रीमद्भागवत कथा के तृतीय दिवस ज्ञान-भक्ति की सरिता में डूबे श्रद्धालु,उमड़ी भक्तों की अपार भीड़

संवाददाता अवधेश चंद्र पांडेय 

बिहार प्रतापगढ़। विकास क्षेत्र के ग्रामसभा धमांवा में वरिष्ठ छात्र नेता ज्ञानेंद्र सिंह की व्यवस्था में मुख्य यजमान नरेश बहादुर सिंह श्रीमती ललिता देवी व स्मृतिशेष अयोध्या सिंह मुन्नी देवी के यहां चल रही श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। कथा स्थल पर सुबह से ही भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा। जैसे-जैसे कथा आगे बढ़ी, वातावरण “संत जन गाते हैं…नाम तुम्हारा तारणहारा” जैसे भजन से गुंजायमान हो उठा।

कथावाचक आचार्य प्रभाकर जी महाराज ने कहा कि “जगत में जो कुछ है,वह सब ईश्वर की रचना है।”

उन्होंने भगवान के दो स्वरूप बताए स्थूल और सूक्ष्म। उन्होंने कहा कि “मोर मुकुट सिर धारण करने वाले प्रेममय प्रभु को जिस भी रूप में स्मरण करो, वही सुलभ हो जाते हैं।”

उन्होंने जीवन को परमात्मा की प्राप्ति का दुर्लभ अवसर बताते हुए कहा

“मानव योनि में ही श्रेष्ठ कर्मों के द्वारा मुक्त‍ि संभव है। दो प्रकार की मुक्ति वर्णित है—क्रम मुक्ति और सद्य मुक्ति।”

कथावाचक ने यह भी कहा कि “भक्ति के माध्यम से परमात्मा का भजन करें और मन को काबू में करें, तभी जीवन सफल होता है।”

भक्तजन भाव विभोर होकर गुनगुनाते रहे “दो नैना सरकार के, कटीले हैं कटार से…”

कथा में महिलाओं,युवाओं तथा बुजुर्गों की भारी सहभागिता दिखाई दी।

कथा के दौरान रिकेश बहादुर सिंह,जितेंद्र प्रताप सिंह,त्रिभुवन सिंह,शिवबहादुर सिंह,राजा प्रताप सिंह,अभय सिंह,धीरेंद्र प्रताप सिंह,अजय सिंह,विजय सिंह,शिवम सिंह,छोटू,बृजेश सिंह,संतोष सिंह,सुरेश मिश्र,धर्मराज मिश्र,अनिल पाण्डेय,हरिकेश सिंह,बच्चा शर्मा,राजमणि सिंह,मुन्ना सिंह,चोखेन्द्र प्रताप सिंह,शुभम गौतम,आयुष गौतम समेत सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु भक्त मौजूद रहे।

ये भी पढ़ें विधानसभा में ग्रामीण खेल लीग का सफल आयोजन, विजेताओं को मिला सम्मान

और पढ़ें

Cricket Live Score

Corona Virus

Rashifal

और पढ़ें