सहारनपुर में अग्निशमन सेवा दिवस पर जागरूकता रैली, शहीद फायरमैनों को दी श्रद्धांजलि
पवन सूर्यवंशी ब्यूरो चीफ ऑल एनसीआर
सहारनपुर में अग्निशमन सेवा दिवस के अवसर पर बुधवार को एक जागरूकता रैली का आयोजन किया गया। इस दौरान अग्निशमन विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों ने आमजन को आग से बचाव और सुरक्षा के प्रति जागरूक किया। इस अवसर पर मुख्य अग्निशमन अधिकारी प्रताप सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि 14 अप्रैल 1944 को मुंबई (तत्कालीन बंबई) बंदरगाह पर फोर्ट स्टीकेन जहाज में भीषण आग लगने के बाद एक भयंकर विस्फोट हुआ था। द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान युद्ध सामग्री, भारी मात्रा में विस्फोटक, ज्वलनशील पदार्थ, रुई और करोड़ों रुपये का सोना लदे इस जहाज में दोपहर करीब 2 बजे धुआं उठता देखा गया था। फायर ब्रिगेड के जवानों ने साहस का परिचय देते हुए आग पर काबू पाने का प्रयास किया, लेकिन शाम 4:05 बजे हुए विस्फोट ने पूरे बंदरगाह क्षेत्र को तबाह कर दिया। इस हादसे में बंबई अग्निशमन सेवा के 60 से अधिक बहादुर फायरमैन शहीद हो गए थे। आग कई दिनों तक जलती रही, लेकिन मुख्य अग्निशमन अधिकारी नॉर्मन कुम्ब के नेतृत्व में ‘अग्नि रेखा’ बनाकर आग को शहर में फैलने से रोका गया। इस ऐतिहासिक त्रासदी की स्मृति में भारत सरकार द्वारा हर वर्ष 14 अप्रैल को अग्निशमन सेवा दिवस के रूप में मनाया जाता है। प्रताप सिंह ने बताया कि 14 से 20 अप्रैल तक फायर सेफ्टी वीक मनाया जाता है, जिसके अंतर्गत स्कूलों में प्रतियोगिताएं और ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे। उन्होंने यह भी बताया कि पूर्व निर्धारित कार्यक्रम प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के चलते स्थगित कर दिया गया था, लेकिन पूरे सप्ताह विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से लोगों को आग से बचाव के प्रति जागरूक किया जाएगा।












