उमरा पट्टी गांव में बेंच लगाने के नाम पर बड़ा खेल: 1.15 लाख निकाले, न बेंच दिखी, न जवाबदेही
प्रतापगढ़ (बिहार): बिहार ब्लॉक के अंतर्गत आने वाले ग्राम सभा उमरा पट्टी में सरकारी योजनाओं के नाम पर भ्रष्टाचार का शर्मनाक मामला उजागर हुआ है। ग्राम प्रधान और सचिव की मिलीभगत से बेंच लगाने के नाम पर ₹1,15,500 की राशि निकाल ली गई, लेकिन मौके पर एक भी बेंच दिखाई नहीं दे रही है।
गांव वालों का कहना है कि यह पूरा मामला फर्जीवाड़े का है। विकास के नाम पर सिर्फ कागज़ों पर काम दिखाया गया, जबकि जमीनी स्तर पर न तो कोई बेंच लगी, न ही किसी प्रकार का कोई कार्य नजर आया। यह खुलासा तब हुआ जब ग्रामीणों ने विद्यालय परिसर और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर बेंचों की तलाश शुरू की।
“पैसे गायब, विकास हवा में”
इस घोटाले ने न केवल ग्राम पंचायत के कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं, बल्कि बाघराय ब्लॉक प्रशासन की निगरानी प्रणाली पर भी प्रश्नचिह्न लगा दिया है। गांववालों का कहना है कि यह कोई पहला मामला नहीं है, लेकिन प्रशासनिक चुप्पी इस भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे रही है।

ग्रामीणों का आक्रोश, कार्रवाई की मांग
गांव के लोगों ने इस पूरे मामले की जांच की मांग की है और कहा है कि यदि दोषियों के खिलाफ जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो वे ब्लॉक मुख्यालय और डीएम कार्यालय पर प्रदर्शन करेंगे। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से अपील की है कि इस तरह के घोटालों पर सख्ती से लगाम लगाई जाए।
बेनकाब हुआ भ्रष्ट सिस्टम
यह घटना सिर्फ एक गांव या ब्लॉक की नहीं, बल्कि उस पूरे सिस्टम की पोल खोलती है जो कागजों पर विकास दिखाकर करोड़ों की सरकारी राशि हड़प लेता है। अगर समय रहते कार्रवाई नहीं की गई तो यह मामला प्रशासनिक साख को और कमजोर कर सकता है।
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