एटा में अवैध डिजिटल लाइब्रेरी और कोचिंग संस्थानों पर डीआईओएस का बड़ा एक्शन, कई केंद्र सील
जिला संवादाता काव्यांश रावत
जनपद एटा उत्तर प्रदेश।


एटा। जिलाधिकारी अरविंद सिंह के निर्देश पर जनपद में बिना पंजीकरण संचालित डिजिटल लाइब्रेरी और कोचिंग संस्थानों के खिलाफ बुधवार को विशेष अभियान चलाया गया। जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) के नेतृत्व में गठित टीम ने शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में औचक निरीक्षण कर नियमों का उल्लंघन करने वाले कई संस्थानों को बंद कराया और नोटिस जारी किए।
निरीक्षण टीम में पटल प्रभारी प्रदीप कुमार वर्मा, प्रधानाचार्य सुभाष सिंह, प्रधानाचार्य अश्वनी कुमार वर्मा और प्रधानाचार्य डॉ. चिंतामणि वशिष्ठ शामिल रहे। टीम ने दोपहर 1:10 बजे से विभिन्न स्थानों पर जांच की। कार्रवाई के दौरान बागबाला चौराहा स्थित एस टू आर लाइब्रेरी बिना पंजीकरण संचालित मिलने पर बंद कराई गई। रूपधनी रोड धुमरी स्थित शिव लाइब्रेरी बेसमेंट में चलती मिली, जहां छात्रों को बाहर निकालकर ताला लगवा दिया गया। जैथरा की श्री श्याम लाइब्रेरी में क्षमता से अधिक छात्र मिलने पर संचालन रोक दिया गया। श्री बांके बिहारी डिजिटल लाइब्रेरी में शौचालय और वेंटिलेशन की व्यवस्था न होने तथा संचालक के अनुपस्थित रहने पर कार्रवाई की गई। सकीट स्थित अन्या लाइब्रेरी को बेसमेंट में संचालन मिलने पर बंद कराया गया, जबकि रिजोर की सरस्वती लाइब्रेरी और शकुंतला लाइब्रेरी बिना पंजीकरण संचालित मिलने पर सील कर नोटिस जारी किए गए। वहीं मां अम्बिका लाइब्रेरी, एकलव्य क्लासेज, गुरुकुल क्लासेज, फ्यूचर लाइब्रेरी और नॉलेजहब लाइब्रेरी पंजीकृत मिलीं। जिन संस्थानों के पास आवश्यक एनओसी या अन्य दस्तावेज नहीं थे, उन्हें नोटिस देकर जल्द अनुपालन के निर्देश दिए गए। डीआईओएस ने स्पष्ट चेतावनी दी कि जनपद में बिना पंजीकरण कोई भी कोचिंग या डिजिटल लाइब्रेरी संचालित नहीं होने दी जाएगी। बेसमेंट में संचालन मिलने पर तत्काल सीलिंग की कार्रवाई होगी। साथ ही यूपी कोचिंग विनियमन अधिनियम-2002 की धारा 9(1) के तहत एक लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा। निर्धारित समय में अनुपालन न होने पर भारतीय न्याय संहिता-2023 के तहत एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।उन्होंने कहा कि छात्र-छात्राओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और भविष्य में भी ऐसे संस्थानों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा।












