यूपी टीईटी-2026 में बड़ा बदलाव: 50 हजार शिक्षकों को राहत, बीएड-बीटीसी अभ्यर्थियों को भी मौका
स्टेट ब्यूरो चीफ विष्णु रावत
उत्तर प्रदेश में शिक्षकों और अभ्यर्थियों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग (UPESSC) ने टीईटी-2026 परीक्षा के नोटिफिकेशन और गाइडलाइंस में अहम संशोधन करते हुए हजारों अभ्यर्थियों को परीक्षा में शामिल होने का अवसर दे दिया है। मंगलवार को जारी संशोधित दिशा-निर्देशों के अनुसार, अब वे लगभग 50 हजार शिक्षक भी यूपी टीईटी-2026 परीक्षा दे सकेंगे, जिनके पास पहले निर्धारित न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता नहीं थी। इस फैसले से लंबे समय से असमंजस में चल रहे शिक्षकों को बड़ी राहत मिली है। इसके साथ ही आयोग ने बीएड और बीटीसी (डीएलएड) कर रहे अभ्यर्थियों को भी परीक्षा में शामिल होने की अनुमति दे दी है। हालांकि बीएड पास अभ्यर्थी केवल उच्च प्राथमिक स्तर यानी कक्षा 6 से 8 तक की टीईटी परीक्षा ही दे सकेंगे। गौरतलब है कि आयोग ने 20 मार्च को ही यूपी टीईटी-2026 का कार्यक्रम घोषित किया था। करीब चार साल बाद प्रदेश में यह परीक्षा आयोजित की जा रही है, जिसके चलते इस बार अभ्यर्थियों की संख्या काफी अधिक रहने का अनुमान है। माना जा रहा है कि 15 से 20 लाख तक उम्मीदवार इस परीक्षा में शामिल हो सकते हैं। इसमें प्रदेश के करीब 1.86 लाख ऐसे शिक्षक भी शामिल हैं, जो अब तक टीईटी परीक्षा पास नहीं कर पाए हैं। इन शिक्षकों के लिए यह परीक्षा बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि यदि वे सितंबर 2027 तक टीईटी पास नहीं कर पाते हैं, तो उनकी नौकरी पर संकट खड़ा हो सकता है। आयोग के इस फैसले को शिक्षकों और अभ्यर्थियों के लिए राहत भरा कदम माना जा रहा है, जिससे बड़ी संख्या में उम्मीदवारों को एक और मौका मिल सकेगा।












