उत्तर प्रदेश में बड़ा बदलाव, बड़े संस्थानों और फैक्ट्रियों में हफ्ते में 2 दिन वर्क फ्रॉम होम, ऑफिसों के लिए लागू होगी शिफ्ट व्यवस्था
संवाददाता बिपिन मिश्रा
लखनऊ / उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश के कामकाजी माहौल और व्यवस्था में एक बड़ा बदलाव करने का फैसला लिया है। अब राज्य के बड़े संस्थानों और औद्योगिक इकाइयों में हफ्ते में 2 दिन वर्क फ्रॉम होम की व्यवस्था लागू की जाएगी। श्रम विभाग की एक उच्च स्तरीय बैठक में इस संबंध में जरूरी दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं। नए दिशा-निर्देशों के मुताबिक, प्रदेश में अब कार्यालयों को एक ही समय पर खोलने के बजाय अलग-अलग शिफ्ट में खोलने की व्यवस्था की जाएगी। सरकार का मानना है कि इस कदम से न सिर्फ दफ्तरों में काम का दबाव कम होगा, बल्कि सड़कों पर एक ही समय होने वाले ट्रैफिक जाम से भी बड़ी राहत मिलेगी। बड़े संस्थानों और औद्योगिक इकाइयों में कर्मचारियों को हफ्ते में दो दिन वर्क फ्रॉम होम की सुविधा। दफ्तर और फैक्ट्रियां अब अलग-अलग टाइमिंग और शिफ्ट में खुलेंगी। निजी वाहनों पर निर्भरता कम करने के लिए सार्वजनिक परिवहन के इस्तेमाल को बढ़ावा दिया जाएगा।
श्रम विभाग की बैठक में बढ़ते प्रदूषण और ट्रैफिक की समस्या से निपटने के लिए पब्लिक ट्रांसपोर्ट सार्वजनिक परिवहन के उपयोग को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया गया। सरकार का लक्ष्य है कि लोग निजी वाहनों का इस्तेमाल कम करें, जिससे ईंधन की बचत हो और पर्यावरण को भी नुकसान न पहुँचे।
शुरुआती चरण में यह व्यवस्था पूरे प्रदेश के बड़े कॉर्पोरेट संस्थानों, आईटी कंपनियों और प्रमुख औद्योगिक इकाइयों में अनिवार्य रूप से लागू करने की तैयारी है। श्रम विभाग जल्द ही इसके क्रियान्वयन के लिए विस्तृत गाइडलाइन जारी करेगा।












