इलाहाबाद हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, यूपी बोर्ड के स्कूलों में अब केवल अधिकृत किताबों से होगी पढ़ाई

इलाहाबाद हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, यूपी बोर्ड के स्कूलों में अब केवल अधिकृत किताबों से होगी पढ़ाई

संवाददाता बिपिन मिश्रा 

प्रयागराज / उत्तर प्रदेश के लाखों छात्रों और स्कूलों से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आ रही है। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक अहम फैसला सुनाते हुए यूपी बोर्ड को किताबों के चयन के संबंध में व्यापक अधिकार दे दिए हैं। अदालत ने स्पष्ट किया है कि बोर्ड से संबद्ध सभी स्कूलों में अब केवल बोर्ड द्वारा अधिकृत और स्वीकृत पुस्तकें ही पढ़ाई जाएंगी। यह मामला तब तूल पकड़ा जब कई निजी प्रकाशकों ने अपनी किताबों को पाठ्यक्रम में शामिल करने या अनुमति न मिलने को लेकर हाईकोर्ट में याचिकाएं दाखिल की थीं। जस्टिस नीरज तिवारी और जस्टिस गरिमा प्रसाद की डिवीजन बेंच ने इन सभी याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए इन्हें निस्तारित कर दिया है। स्कूल अपनी मर्जी से किसी भी प्रकाशक की किताब नहीं लगा सकेंगे। केवल वही किताबें पढ़ाई जा सकेंगी जिन्हें बोर्ड ने आधिकारिक रूप से अपनी सूची में शामिल किया है।बोर्ड का पाठ्यक्रम और पाठ्यपुस्तकों के निर्धारण में यूपी बोर्ड का निर्णय ही अंतिम होगा। इस फैसले का उद्देश्य निजी प्रकाशकों की मनमानी को रोकना और राज्य भर के छात्रों के लिए शिक्षा के स्तर को समान बनाना है। इस फैसले से उन अभिभावकों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है जो हर साल निजी स्कूलों द्वारा महंगी और अनधिकृत किताबें खरीदने के दबाव से परेशान रहते थे। अब बोर्ड द्वारा निर्धारित मानक और कीमतों वाली पुस्तकें ही शिक्षा का आधार बनेंगी।हाईकोर्ट के इस आदेश के बाद अब माध्यमिक शिक्षा परिषद जल्द ही सत्र के लिए स्वीकृत किताबों की नई गाइडलाइन जारी कर सकता है।

ये भी पढ़ें कानपुर को बड़ी सौगात, रामादेवी से गोल चौराहे तक बनेगा 10 किमी लंबा एलिवेटेड कॉरिडोर

और पढ़ें

Cricket Live Score

Corona Virus

Rashifal

और पढ़ें