डीएन पीजी कॉलेज में भर्ती के नाम पर बड़ा घोटाला

डीएन पीजी कॉलेज में भर्ती के नाम पर बड़ा घोटाला, जांच के बावजूद हुई नियुक्तियां भारी रिश्वत लेकर भर्ती प्रक्रिया पूरी की गई।

संवाददाता पवन सूर्यवंशी फर्रुखाबाद।फतेहगढ़ स्थित डीएन पीजी कॉलेज में तृतीय श्रेणी कर्मचारियों की भर्ती को लेकर बड़ा घोटाला सामने आया है। 

कॉलेज के प्राचार्य डॉ. मनोज गर्ग और प्रबंधक डीएन सिंह पर आरोप है कि शासनादेशों और प्रशासनिक नियमों की अनदेखी करते हुए भारी रिश्वत लेकर भर्ती प्रक्रिया पूरी की गई। इस मामले ने शिक्षा विभाग में हड़कंप मचा दिया है।

आरोपों के अनुसार वर्ष 2024 में जारी तीसरे विज्ञापन के तहत की गई भर्ती में पहले से कुछ अभ्यर्थियों को चयनित कर लिया गया था।

इनमें प्रबंधक के संबंधी हर्षित दीक्षित का नाम प्रमुख रूप से सामने आया है। इस संबंध में डॉ. आशुतोष त्रिपाठी ने मुख्यमंत्री और उच्च शिक्षा निदेशक, प्रयागराज से औपचारिक शिकायत की थी।

शशिकायत को गंभीरता से लेते हुए उच्च शिक्षा निदेशक ने भर्ती प्रक्रिया पर रोक लगाते हुए जांच कमेटी गठित की थी। स्पष्ट आदेश दिए गए थे कि जांच पूरी होने तक कोई भी नियुक्ति नहीं की जाएगी।

इसके बावजूद 13 जनवरी 2025 को जांच लंबित रहते हुए ही हर्षित दीक्षित सहित तीन लोगों को स्थायी नियुक्ति पत्र जारी कर दिए गए।

हैरानी की बात यह है कि अब तक न तो जांच पूरी हुई है, न ही शिकायतकर्ता के बयान दर्ज किए गए हैं और न ही भर्ती से संबंधित परीक्षाफल सूची सार्वजनिक की गई है। इससे पूरी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

मामले को लेकर जिलाधिकारी को शिकायती पत्र सौंपकर अवैध नियुक्तियों को तत्काल स्थगित करने और निष्पक्ष जांच की मांग की गई है। शिकायतकर्ता का कहना है कि यदि भर्ती प्रक्रिया को निरस्त कर नियमानुसार दोबारा नहीं कराया गया, तो वर्ष 2020 से प्रतीक्षा कर रहे सैकड़ों अभ्यर्थियों के साथ अन्याय होगा। अब सबकी निगाहें जिला प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं।

ये भी पढ़ें पांचालघाट गंगा तट पर श्री रामनगरिया मेला, ठंड में भी कल्पवासियों की आस्था अडिग

और पढ़ें

Cricket Live Score

Corona Virus

Rashifal

और पढ़ें